कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना, हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी गंभीर माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल रक्त में पाया जाने वाला एक अवयव होता है जोकि स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, हालांकि इसकी अधिकता कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। उच्च कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में रक्त वाहिकाओं में वसायुक्त जमाव विकसित होने लगता है जिससे रक्त का सामान्य प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है।
High Cholesterol: इन अंगों के लिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें, जानिए इसे बिना दवाइयों के कैसे कंट्रोल करें?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमतौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल को सिर्फ हृदय के लिए खतरनाक माना जाता है, हालांकि यह स्थिति शरीर के कई अन्य अंगों को भी गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण अंगों में रक्त का सामान्य संचार प्रभावित हो जाता है, इसका असर आपके पैरों में भी देखा जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण पैरों में दर्द, पैरों का रंग बदलने, पैरों का ठंडा होने या तेज ऐंठन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इस स्थिति में आंखों के आसपास पीले रंग के उभार हो सकता हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण फैटी लिवर की समस्या का भी खतरा बढ़ जाता है।
सभी लोगों को इसे कंट्रोल करने के उपाय करते रहने चाहिए।
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या से बचे रहने के लिए सभी लोगों को प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और डिब्बाबंद चीजों के सेवन को कम करना चाहिए। इनमें मौजूद रसायनों और प्रिजर्वेटिव्स के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है। शोध बताते हैं कि अगर स्वस्थ खान-पान को जीवनशैली का हिस्सा बना लिया जाए तो हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को 60 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
नियमित व्यायाम जरूरी
लोगों में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता ने कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा दिया है, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या उनमें से एक है। शोध बताते हैं कि जो लोग नियमित व्यायाम और योग का अभ्यास करते रहते हैं, उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा कम होता है। रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने, रक्त प्रवाह को व्यवस्थित बनाए रखने और कोलेस्ट्रॉल की जटिलताओं से बचने के लिए रोजाना व्यायाम की आदत बनाएं।
इन बातों का ध्यान रखकर करें बचाव
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्याओं से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
- आहार में नमक की मात्रा कम रखें। फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का अधिक सेवन करें।
- पशु आधारित खाद्य का सेवन सीमित करें।
- वजन को स्वस्थ बनाए रखने की कोशिश करें।
- शराब-धूम्रपान से परहेज करें।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम की आदत बनाएं।
- तनाव प्रबंधन के उपाय करें।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।