जीवनशैली में गड़बड़ी और लोगों में समय के साथ कम होती शारीरिक सक्रियता के कारण आर्थराइटिस (गठिया) की समस्या बढ़ती जा रही है। गठिया की समस्या के कारण जोड़ों में दर्द और सूजन आ जाती है जिसके कारण चलना या उठना भी मुश्किलों भरा काम बन जाता है। वजन बढ़ने या शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण गठिया की समस्या पैदा हो सकती है। आमतौर पर इलाज के माध्यम से इस रोग के लक्षणों को नियंत्रित करने और दर्द से आराम दिलाने की कोशिश की जाती है। एक समय तक गठिया को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत माना जाता रहा था हालांकि अब कम उम्र के लोगों में भी इस तरह की समस्याओं का निदान किया जा रहा है।
Home Remedies: अदरक से लेकर नीलगिरी तक, आर्थराइटिस के दर्द से राहत के लिए इन घरेलू नुस्खों का करें प्रयोग
नीलगिरी के औषधीय गुण बनाते हैं इसे खास
गठिया से संबंधित लक्षणों को कम करने में नीलगिरी को कारगर औषधि माना जाता है। आसानी से उपलब्ध नीलगिरी का वर्षों से कई प्रकार की स्वास्थ्य स्थितियों को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। नीलगिरी के पत्तों के अर्क गठिया के दर्द को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकता है। नीलगिरी की पत्तियों में टैनिन होता है, जो गठिया से संबंधित सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। नीलगिरी के तेल को भी जोड़ों पर लगाने से दर्द से राहत मिलती है।
अदरक है गठिया का प्रभावी घरेलू उपचार
क्या आप जानते हैं कि अदरक भी गठिया की समस्या में आपके लिए काफी मददगार हो सकता है? अदरक का इस्तेमाल ज्यादातर खाना पकाने में किया जाता है, हालांकि अध्ययनों में इसके औषधीय फायदों के बारे में भी पता चलता है। अदरक में एंटी-इफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं जो गठिया के सूजन और दर्द से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि अदरक नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) का विकल्प भी हो सकता है।
हल्दी से कम होता है सूजन-दर्द
हल्दी को वर्षों से दर्द से राहत दिलाने वाली औषधि के रूप में प्रयोग में लाया जाता रहा है। हल्दी के मुख्य घटक, करक्यूमिन में एंटी-इफ्लामेटरी गुण होते हैं। लंबे समय से पारंपरिक आयुर्वेदिक और चीनी चिकित्सा में दर्द को कम करने के लिए हल्दी को प्रयोग में लाया जाता रहा है। भोजन के माध्यम से हल्दी का सेवन सुनिश्चित करें। इसके अलावा प्याज के साथ हल्दी को पीसकर दर्द वाले स्थान पर रखने से भी सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। बताए गए तरीके वैकल्पिक उपचार हैं, इन्हें दवाइयों का विकल्प नहीं माना जा सकता।
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