बढ़ती सर्दी से बचाव के लिए हम सभी हीटर और ब्लोवर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं, शरीर को गर्म रखने में मददगार हो सकते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि शरीर को कृत्रिम गर्मी देने वाले इन उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल आपके लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हीटर और ब्लोवर से निकलने वाली गर्म हवा के सीधे संपर्क में आने से त्वचा और आंखों को क्षति पहुंच सकती है।
ध्यान दें: सर्दियों में हीटर का ज्यादा इस्तेमाल इस गंभीर समस्या का बन सकता है कारण, बरतें सावधानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्दियों में बढ़ जाती है ड्राई आइज की समस्या
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मेघना सहाय बताती हैं, सर्दियों के मौसम में ड्राई आइज की समस्या बढ़ने का एक कारण उपकरणों से निकलने वाली गर्म हवा का सीधा संपर्क भी हो सकता है। विशेष रूप से कार के हीटर से निकलने वाली हवा, वातावरण को शुष्क बना देती है, जिससे ऐसे लोगों की दिक्कतें और अधिक बढ़ सकती हैं। इस तरह की समस्या पर ध्यान न देने के कई दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
ड्राई आइज में आंखों में होती है खुजली-लालिमा
ड्राई आइज की समस्या तब होती है जब आंख या तो पर्याप्त मात्रा में आंसू का उत्पादन नहीं कर पाते हैं या आंखों को चिकनाई देने के लिए गुणवत्ता वाले आंसू की कमी हो जाती है। इस स्थिति में आंखों में लालिमा, खुजली या जलन की समस्या हो सकती है।
कैसे करें इस तरह की दिक्कतों से बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं हीटर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान कुछ बातों को ध्यान में रखकर दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सकता है। ध्यान रहे, गर्म हवा सीधे शरीर के संपर्क में, विशेष तौर पर आंखों न जाने पाए। पलकों को बार-बार झपकने का अभ्यास करते रहें। ऐसा करने से आंखें की चिकनाई बनी रहती है।
इसके अलावा आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनकर। अन्य दुष्प्रभावों से बचाव के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखें। खूब पानी पीना आपकी आंखों सहित पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
ड्राई आइज के लक्षण दिखें तो क्या करें?
ड्राई आइज की समस्या होने पर आंखों को साफ रखें और अच्छे नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह पर आई ड्रॉप्स की मदद से इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। आंखे के सूखापन को दूर करने के लिए पलकों को झपकाने के अभ्यास, उचित पोषण और समय पर दवाइयों की मदद विशेष लाभकारी हो सकती है।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।