हृदय रोगों का खतरा पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। ये वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को हार्ट की सेहत को लेकर सावधानी बरतते रहना चाहिए। आहार और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी इस जोखिम को और भी बढ़ाती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हार्ट और धमनियों में ब्लॉकेज को हार्ट अटैक की बढ़ती समस्याओं के कारक के तौर पर देखा जा रहा है।
Heart Blockage: इन संकेतों का मतलब हार्ट में हो रहा है ब्लॉकेज, समय पर न हुई पहचान तो गंभीर हो सकते हैं जोखिम
हार्ट और धमनियों में ब्लॉकेज क्यों होता है?
हार्ट ब्लॉक होने का सबसे आम कारण दिल का दौरा पड़ना है। हृदय की मांसपेशियों से संबंधित बीमारी (जिसे कार्डियोमायोपैथी कहा जाता है), हृदय वाल्व के रोग और हृदय की संरचना से जुड़ी समस्याएं भी हार्ट ब्लॉकेज का कारण बन सकती है।
वहीं हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज का मुख्य कारण धमनियों में प्लॉक बनने की समस्या को माना जाता है। धमनियों में प्लॉक बनने के कारण खून का संचार प्रभावित हो सकता है जिसके कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
हार्ट ब्लॉकेज के संकेतों की पहचान
कोरोनरी आर्टरी डिजीज और धमनियों में ब्लॉकेज की समस्या में कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं। अक्सर शुरुआती चरणों में लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं। हालांकि जैसे-जैसे ब्लॉकेज की समस्या बढ़ने लगती है, इससे संबंधित कई तरह की दिक्कतें होनी शुरू हो जाती हैं। कुछ संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।
- सीने में दर्द (एनजाइना) या दबाव महसूस होना।
- थकान-कमजोरी बने रहना।
- दिल की धड़कन तेज या अनियमित रहना।
- सांस की तकलीफ (डिस्पेनिया)
- हाथ या पैर में सूजन।
- धमनियों में ब्लॉकेज की स्थिति का तभी पता चलता है जब हार्ट अटैक हो जाता है।
ऐसे लोग बरतें विशेष सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लोगों में हार्ट और आर्टरी के ब्लॉकेज का खतरा अधिक हो सकता है, जोखिम कारकों के बारे में जानना और इससे बचाव करते रहना जरूरी है। जिन लोगों की मां, को ल्यूपस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी है उनमें ब्लॉकेज का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। इसके अलावा उम्र बढ़ने, कोरोनरी आर्टरी डिजीज की समस्या या फिर हार्ट वॉल्ब की दिक्कतें भी ब्लॉकेज बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल को ठीक रखकर आप हार्ट से संबंधित परेशानियों को कम कर सकते हैं। स्वस्थ आहार का सेवन, नियमित रूप से व्यायाम करना, हर रात पर्याप्त मात्रा में नींद लेना, तनाव कम करने वाले उपाय, शराब-धूम्रपान से दूरी बनाकर हार्ट की समस्याओं से बचाव और ब्लॉकेज की दिक्कतों को कम कर सकते हैं। जिस तरह से कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक के शिकार होते जा रहे हैं, ऐसे में सभी लोगों को हार्ट की दिक्कतों को लेकर सावधानी बरतते रहने की जरूरत है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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