जीवनशैली और आहार संबंधी गड़बड़ी के चलते पिछले एक दशक में हृदय रोगों के मामले काफी बढ़ गए हैं। एक समय जहां हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जा रहा था, वहीं अब काफी कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। हृदय रोगों के कारण गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक की समस्या हो सकती है, जिसे जानलेवा माना जाता है। धमनियों में रुकावट के कारण जब हृदय में रक्त का संचार बाधित हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप या कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसे कई कारणों से इस तरह की समस्या हो सकती है।
Heart Attack Symptoms: आंखों में ऐसे बदलाव हो सकते हैं हार्ट अटैक का संकेत, इन लक्षणों को लेकर भी रहें अलर्ट
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हृदय रोगों का अंदाजा लगाना आसान
इंपीरियल कॉलेज लंदन में नेशनल हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों ने बताया कि सी-रिएक्शन प्रोटीन (सीआरपी) के स्तर की जांच के आधार पर करीब तीन साल पहले ही हृदय रोगों के जोखिमों का पता लगाना आसान हो सकता है। सीआरपी के माध्मय से इंफ्लामेशन का पता लगाया जाता है। सीआरपी एक प्रोटीन है जिसकी मात्रा हृदय रोगों के दौरान रक्त में बढ़ जाती है। सीआरपी टेस्ट के माध्यम से हृदय रोग के जोखिम के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है।
आंखों से हार्ट आटैक का अंदाजा
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि आंखों के माध्यम से भी हार्ट अटैक के जोखिम को अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली। विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों के रेटिना की रक्त वाहिकाओं में समय के साथ परिवर्तन हो जाता है, उनमें हृदय रोग और दिल के दौरे का जोखिम अधिक हो सकता है। लीड्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार एआई सिस्टम आंखों का स्कैन करके एक साल पहले दिल के दौरे के जोखिम का पता लगा सकता है।
हार्ट अटैक के इन लक्षणों पर भी रखें नजर
मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे लक्षण भी हार्ट अटैक की ओर संकेत करते हैं, जिनके बारे में सभी लोगों को सावधान रहना चाहिए।
- छाती या बाहों में दबाव, जकड़न, दर्द की अनुभूति जो धीरे-धीरे गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकती है।
- मतली, अपच, हार्टबर्न या पेट दर्द।
- सांस लेने में कठिनाई।
- अधिक पसीना आना।
- थकान महसूस होना।
- चक्कर आना।
हार्ट अटैक से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोग या हार्ट अटैक से बचे रहने के लिए जीवनशैली को स्वस्थ रखना सबसे आवश्यक माना जाता है। इसके लिए स्वस्थ आहार का सेवन, वजन को संतुलित रखने, धूम्रपान न करें, नियमित रूप से व्यायाम, तनाव प्रबंधन जैसे उपाय फायदेमंद हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य स्थितियां हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती हैं, इनसे भी सुरक्षित रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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