हृदय रोगों को आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ होने वाली समस्याओं के तौर पर देखा जाता रहा है। पर हाल के दशकों में कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं। इतना ही नहीं 40 से भी कम आयु के लोगों की हार्ट अटैक के कारण मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कम आयु में किन कारणों से हृदय रोग और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता जा रहा है?
आज का हेल्थ टिप्स: कम उम्र में भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं ऐसी आदतें, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ऐसी गलतियां?
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मोटापा है सबसे बड़ा दुश्मन
अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक वजन वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। मोटापा के कारण ब्लड कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, ब्लड प्रेशर और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है, यह सभी हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारक माने जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर के अधिक वजन को सिर्फ 10 फीसदी कम करने से यह जोखिम कम हो सकता है।
तनाव लेने वालों में खतरा
यदि आप तनाव अधिक लेते हैं, तो अन्य लोगों की तुलना में आपको दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। तनाव के कारण ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है जिसे हृदय के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इसके अलावा कई तरह की उत्तेजक दवाओं का उपयोग करने से आपकी कोरोनरी धमनियों में ऐंठन हो सकती है, जिससे भी दिल का दौरा पड़ सकता है।
धूम्रपान है सबसे नुकसानदायक
धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों को कोरोनरी हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक होने का जोखिम बहुत अधिक होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान के कारण धमनियों और हृदय के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने को जोखिम बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोग और हार्ट अटैक जैसे जोखिमों से बचे रहने के लिए धूम्रपान से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।