आचार्य मनीष
आयुर्वेदाचार्य, शुद्धि आयुर्वेद
Medically Reviewed by Acharya Manish
आज के दौर में कई तरह की बीमारियां हमारे आसपास मौजूद हैं, जो पलक झपकते ही हमें अपना शिकार बनाने के लिए तैयार रहती हैं। वहीं, कई आम समस्याएं हैं जिनका शिकार लगभग हर दूसरा व्यक्ति है। ऐसी है एक समस्या है गठिया या अर्थराइटिस, जिसकी चपेट में काफी लोग आ रहे हैं। बुजुर्गों के अलावा अब युवा और बच्चों में भी इसकी दिक्कतें देखी जा रही हैं। दरअसल, जब शरीर में यूरिक एसिड ठीक से नहीं बन पाता है, तब गठिया रोग होता है। वहीं, शरीर में दर्द होने से लेकर जोड़ों में दर्द होने तक इसके कई लक्षण भी हैं, जिन्हें हमें कभी भी हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। आयुर्वेद में इस समस्या से निपटने के लिए कुछ घरेलू उपचार बताए गए हैं, तो चलिए आपको अर्थराइटिस के लक्षणों और कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताते हैं। हो सकता है कि ये शायद आपकी मदद कर पाएं। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
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अर्थराइटिस का दर्द
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अर्थराइटिस के ये हैं लक्षण:-
-थकान होना
-जोड़ों में अकड़न होना
-जोड़ो में दर्द होना
-हल्का बुखार आना
-भूख न लगना
-आंखों और मुंह का सूखना
-शरीर में गांठ बनना आदि।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अपना सकते हैं ये घरेलू नुस्खे:-
अदरक आ सकता है काम
- अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो गठिया के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। यही नहीं, अदरक प्रोस्टाग्लैंडीन के सतर को कम करके गठिया की समस्या में आराम दे सकता है। इसलिए आप इस समस्या के दौरान अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हल्दी कर सकती है मदद
- भारतीय रसोइयों में हल्दी बड़ी ही आसानी से मिल जाती है, और इसका काफी इस्तेमाल भी किया जाता है। गठिया की समस्या से निजात पाने में ये हल्दी आपकी मदद कर सकती है। इसमें करक्यूमिन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो अर्थराइटिस के कारण जोड़ों में होने वाले दर्द में आराम देने का काम कर सकता है।
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मुलेठी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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मुलेठी का कर सकते हैं इस्तेमाल
- मुलेठी में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो गठिया की समस्या में राहत देने का काम कर सकते हैं। मुलेठी व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को मजबत बनाने में, संक्रमण से बचाने में, गले को साफ करने जैसी कई समस्याओं में आराम देने का काम कर सकती है। आयुर्वेद में मुलेठी को काफी फायदेमंद माना जाता है।
नोट: आचार्य मनीष आयुर्वेद आचार्य हैं, जो आर्युवेद की दुनिया में एक लंबा अनुभव रखते हैं।
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