Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
फलों का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद ही माना जाता है। डॉक्टर भी फलों का सेवन करने की सलाह देते हैं। हालांकि कुछ फल ऐसे होते हैं जो हर मौसम में नहीं मिल पाते हैं, लेकिन सेब एक ऐसा फल है, जो हर समय आसानी से उपलब्ध हो जाता है। सेब खाने के अनेक लाभ हैं। एक अंग्रेजी की कहावत है, 'एन एप्पल ए डे कीप्स डॉक्टर अवे' यानी हर रोज एक सेब खाने से डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। दरअसल, सेब पोषक तत्वों का खजाना होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेब का अधिक सेवन सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है? आइए जानते हैं कि अधिक सेब खाने से किन बीमारियों का खतरा रहता है...
सलाह: सेब का अधिक सेवन पहुंचा सकता है सेहत को नुकसान, इन बीमारियों का रहता है खतरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हो सकती हैं पाचन संबंधी समस्याएं
- सेब फाइबर से भरपूर होता है और ये तो आप जानते ही होंगे कि फाइबर हमारे पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। लेकिन ध्यान रहे कि बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन पाचन संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकता है। सेब के अधिक सेवन से गैस और सूजन की समस्या हो सकती है। इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।
हो सकती है एलर्जी की समस्या
- दुनिया में कई लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें कुछ खास चीजों के सेवन से एलर्जी की समस्या हो जाती है। इसमें सेब भी शामिल है। सेब का सेवन उन लोगों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है, जिन्हें इसे खाने से एलर्जी का अनुभव होता है।
बढ़ा सकता है ब्लड शुगर
- सेब कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं, जो शरीर में तेजी से ऊर्जा पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन ब्लड शुगर यानी रक्त शर्करा में वृद्धि भी कर सकता है। डायबिटीज के मरीजों को सेब का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
दांतों को पहुंचा सकता है नुकसान
- सेब अम्लीय होते हैं, ऐसे में इनका अधिक मात्रा में सेवन आपके दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह आपके दांतों के लिए सोडा से भी अधिक खतरनाक होता है। इसलिए कोशिश करें कि आप एक दिन दो से अधिक सेब का सेवन न करें।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।