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Budget 2023-24: हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर विशेषज्ञों की मिली-जुली प्रतिक्रिया, कितनी थी उम्माीद-क्या हासिल?

Wed, 01 Feb 2023 05:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Wed, 01 Feb 2023 05:19 PM IST
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Health Sector Budget 2023, Mixed reaction of experts regarding healthcare sector
बजट 2023: स्वास्थ्य क्षेत्र - फोटो : istock

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को साल 2023-24 के लिए देश का बजट पेश किया। आयकर में छूट से लेकर नई परियोजनाओं को लेकर सरकार के फैसलों की तारीफ की जा रही है। कोविड-19 से जूझते देश में इस बार हेल्थ सेक्टर को इस बजट से काफी आशा थी। केंद्रीय बजट में फार्मास्यूटिकल्स उद्योग द्वारा अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करने तथा निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों द्वारा चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने पर स्पष्ट ध्यान दिया गया है। बजट में स्वास्थ्य के लिए कुल आवंटन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.1 प्रतिशत है। 



स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए बजट में कुल आवंटन 89,155 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 86,200 करोड़ रुपये से लगभग 0.34 प्रतिशत अधिक है। आयुष्मान भारत राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (एबीडीएम) को 341.02 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन वित्तवर्ष 23 के आवंटन से 70.51 प्रतिशत अधिक है, जो 200 करोड़ रुपये था।  

इस बजट में देश को साल 2047 तक एनीमिया मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने, फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। बजट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बजट की अपेक्षा में विशेषज्ञों को अनुमान था कि सरकार हेल्थ केयर सेक्टर पर खर्च को जीडीपी का 2.5 प्रतिशत तक करेगी, पर यह लक्ष्य अब भी दूर ही है।
 
आइए मेडिकल विशेषज्ञों से समझते हैं कि उनके नजरिए से इस बार का बजट कैसा रहा है?

Health Sector Budget 2023, Mixed reaction of experts regarding healthcare sector
स्वास्थ्य क्षेत्र पर बजट में खर्च - फोटो : istock

क्या है विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

सर गंगा राम अस्पताल, नई दिल्ली (बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) के डॉ अजय स्वरूप ने बजट को लेकर खुशी जताई है। डॉ अजय कहते हैं, सरकार ने सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने, 157 नर्सिंग कॉलेजों की शुरुआत जैसी घोषणाएं की हैं जो स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बेहतर प्रयास हैं। यह बजट भारत के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। 

लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल के एमडी और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ समीर. के. गौतम कहते हैं, इस बजट में चिकित्सा उपकरणों के लिए समर्पित पाठ्यक्रमों की घोषण की गई है, भविष्य में चिकित्सा प्रौद्योगिकियों और कुशल मैनपॉवर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में यह कदम काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अनुसंधानों पर जोर दिया गया है जिससे मेडिकल के क्षेत्र में हमारा हाथ और मजबूत होगा। कोविड से जूझते इस दौर में देश में लोगों के लिए मुफ्त टीकाकरण के वृहद लक्ष्य को प्राप्त किया गया है, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निकलकर एक बार हम फिर से आगे बढ़ रहे हैं, उसमें यह बजट बूस्टर का काम करेगा।

Health Sector Budget 2023, Mixed reaction of experts regarding healthcare sector
मानसिक स्वास्थ्य पर बजट में खर्च - फोटो : Pixabay

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रयास

इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बेहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (इबहास) में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ ओमप्रकाश कहते हैं मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए यह बजट ठीक-ठाक रहा है। सरकार ने टेलीमेंटल हेल्थ के बजट को बढ़ाकर 121 से 131 करोड़ किया है, यह निश्चित ही सराहनीय कदम है। व्यापक तौर पर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर क्या किया गया है, इसके लिए बजट के विश्लेषण का इंतजार है।

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Health Sector Budget 2023, Mixed reaction of experts regarding healthcare sector
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण - फोटो : संसद टीवी

कई प्रयास अब भी बाकी

बजट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है, स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च को जीडीपी के 2.5 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी, पर अभी यह लक्ष्य दूर है। वैश्विक स्तर पर जिस प्रकार से कोरोना महामारी के बाद मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ी हैं, ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि सरकार इस बजट में कुछ नई घोषणाएं कर सकती है, पर फिलहाल ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। पिछले बजट में मानसिक स्वास्थ्य पर जोर दिया गया था।

मनोचिकित्सकों का कहना है, इस बजट से उम्मीद थी कि सरकार आत्महत्या रोकथाम को लेकर भी नई नीतियों की घोषणा कर सकती है। हालांकि 2022 में इस दिशा में सरकार ने जरूर प्रयास किए थे।

मोटे तौर पर यह बजट स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर संतोषजनक रहा है।



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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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