Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
राई के दाने सरसों के दानों से काफी मिलते हैं, लेकिन कई लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं। हालांकि ये दोनों अलग-अलग होते हैं, लेकिन राई की गिनती सरसों की जाति में ही होती है। इसका दाना छोटा और काला होता है। विदेशों में सफेद रंग की राई भी मिलती है। दरअसल, राई के बीजों का तेल निकाला जाता है और उसका उपयोग भोजन बनाने में किया जाता है। घरों में अचार बनाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है, क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन से लेकर मैंगनीज, तांबा, मैग्नीशियम, फास्फोरस, डाइटरी फाइबर और फिनालिक एंटीऑक्सीडेंट आदि पाए जाते हैं। राई के दानों का इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के इलाज में किया जाता है। आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में...
सलाह: सेहत के लिए बड़े फायदेमंद होते हैं राई के दाने, इन समस्याओं से दिलाते हैं राहत
सिर दर्द और माइग्रेन में है लाभकारी
- राई के दानों को सिर दर्द और माइग्रेन की समस्या में बहुत लाभकारी माना जाता है। अगर आप इन समस्याओं से जूझ रहे हैं तो राई का सेवन करने के अलावा इसे पीसकर माथे पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको सिर दर्द और माइग्रेन से राहत मिलेगी।
दांत दर्द में है लाभदायक
- दांत दर्द की समस्या अक्सर लोगों को परेशान करती है। ऐसे में इस समस्या से राहत पाने के लिए आप राई का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए पहले राई को पीस लें और फिर उसे पानी में मिलाकर उससे कुल्ला करें। इससे दांत का दर्द ठीक हो सकता है। इसके अलावा अगर आप राई के तेल में सेंधा नमक मिलाकर उसे दांतों और मसूड़ों पर मलें तो मसूड़ों से संबंधित परेशानियों से राहत मिलेगी।
खांसी और कफ से दिलाता है आराम
- अगर आपको खांसी हो और कफ गाढ़ा हो जाए और वह आसानी से नहीं निकलता है तो इसके लिए आप 500 मिग्रा. राई में 250 मिग्रा. मिश्री मिलाकर उसका सेवन सुबह-शाम करें। इससे कफ पतला होकर आसानी से बाहर निकलने लगेगा।
अपच और पेट दर्द में है फायदेमंद
- राई का सेवन पाचन तंत्र को सही रखने में मदद करता है। दरअसल, यह खाने को पचाने में मदद करती है। इसके लिए आप 1-2 ग्राम पीसे हुए राई में शक्कर मिलाकर आधा कप पानी के साथ सेवन करें। इससे पाचन तंत्र तो सही रहेगा ही, साथ ही अपच और पेट दर्द से भी राहत मिलेगी।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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