Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
दही स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। अगर रोजाना थोड़ी सी भी दही का सेवन किया जाए, तो इससे पाचन क्रिया बिल्कुल सही रहती है। यह सौंदर्य को बढ़ाने में भी उपयोगी होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दही का सेवन, दूध के मुकाबले कई गुना ज्यादा फायदा पहुंचाता है, क्योंकि इसमें दूध से ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है और यह आसानी से पच भी जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों को पेट से जुड़ी परेशानियां, जैसे अपच, भूख न लगना, आदि की समस्या हो, तो उन्हें दही का सेवन जरूर करना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दही के साथ कुछ चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, वरना वो सेहत को भारी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। आइए जानते हैं कि दही के साथ किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए?
सलाह: दही के साथ भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, सेहत को पहुंच सकता है भारी नुकसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दही और खट्टे फल
- विशेषज्ञ कहते हैं कि दही के साथ खट्टे फलों का सेवन कभी भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि दोनों में अलग-अलग प्रकार के एंजाइम्स मौजूद होते हैं। इससे दोनों चीजों को एक साथ पचाने में मुश्किल होती है और ऐसे में शरीर में टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) बनते हैं, जो शरीर को भयंकर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दही और मछली
- दही के साथ मछली का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनकी तासीर एक-दूसरे के विपरीत होती है। अगर आप इन दोनों को एक साथ खाते हैं तो आपको स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें पेट से संबंधित समस्याएं आम हैं।
दही और प्याज
- दही के साथ प्याज का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, इनकी तासीर अलग-अलग होती है, ऐसे में दोनों को एक साथ खाने से दाद-खाज-खुजली, एग्जिमा, सोराइसिस, त्वचा और पेट से संबंधित कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सतर्क रहें।
दही और उड़द दाल
- दही के साथ उड़द दाल का सेवन करने से भी बचना चाहिए। विशेषज्ञ कहते हैं कि इन दोनों को एक साथ खाने से शरीर पर उल्टा असर पड़ सकता है। इससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है, खराब पाचन की समस्या हो सकती है।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।