बालों की समस्या आज के समय में काफी आम हो गई है। अध्ययनों के मुताबिक हर पांच में से एक व्यक्ति, बालों के झड़ने, बालों की कमजोरी, चमक और घनत्व में कमी और बालों के पतले होने जैसी समस्याओं से परेशान है। जाने-अनजाने हम कई ऐसी आदतों के शिकार हो गए हैं जो बालों की सेहत के लिए काफी नुकसानदायक मानी जाती हैं। यही कारण है कि बहुत ही कम उम्र ही अब लोग गंजेपन की समस्या से परेशान देखे जा रहे हैं। यदि आप इसके कारणों के बारे में जानना चाहें तो इसका कोई एक कारण नहीं मिलेगा, क्योंकि ऐसे कई कारक हैं जो बालों की समस्या पैदा कर सकते हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: कम उम्र में ही गंजेपन का कारण बन सकती हैं ये आदतें, बालों से प्यार है तो तुरंत बना लें इनसे दूरी
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भोजन में पोषकता की कमी
भोजन में पोषकता की कमी, एक समय भोजन न करने और जंक फूड जैसी चीजों के अधिक सेवन की आदत हमारे बालों और समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। हमारे बाल मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन को शामिल करें। हमारे बालों को भी सही अनुपात में जिंक, मैग्नीशियम, आयरन जैसे खनिजों की भी आवश्यकता होती है। इसलिए इन पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना सुनिश्चित करें।
ज्यादा तनाव लेना है नुकसानदायक
बालों के रोम, तंत्रिका कोशिकाओं के एक नेटवर्क से घिरे होते हैं। तंत्रिका तंत्र में होने वाली कोई भी प्रतिकूल रासायनिक गतिविधि बालों के रोम को प्रभावित और कमजोर कर सकती है। नींद की कमी या अधिक तनाव लेने के कारण कई ऐसे केमिकल और हार्मोन्स का स्राव बढ़ जाता है जो बालों के झड़ने का एक प्रमुख कारण हो सकते हैं। तनाव के कारण नींद की भी समस्या हो सकती है जिसकी वजह से भी बाल झड़ते हैं।
रसायनिक उत्पादों का अधिक इस्तेमाल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बालों को खूबसूरत औऱ चमकदार बनाने के लिए यदि आप भी तरह-तरह के रसायन युक्त शैम्पू और अन्य उत्पादों को प्रयोग में लाते हैं तो सावधान हो जाइए। इससे बालों को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा गर्म पानी से नहाना और गीले बालों को गलत तरीके से संभालना भी आपके बालों को खराब कर देता है। रंगाई, ब्लीचिंग, स्ट्रेटनिंग और पर्मिंग जैसी रासायनिक प्रक्रियाएं बालों से सभी प्रोटीन और नमी को हटा देती हैं, जिससे बाल नाजुक होकर टूटने लगते हैं।
सूरज के सीधे संपर्क में रहना
सूरज की किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से भी बालों के बाहरी आवरण को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे क्यूटिकल्स कहा जाता है। सूरज की किरणों के कारण होने वाली क्षति के परिणामस्वरूप बाल पतले, शुष्क और भंगुर किस्म के हो सकते हैं। यह भी समय से पहले गंजेपन का कारण बन सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।