H3N2 In Delhi-NCR: राजधानी दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ता देखा जा रहा है। हाल के दिनों में हुई भारी बारिश और जलजमाव के कारण डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के साथ अब H3N2 वायरस के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। आपने भी अपने आसपास के लोगों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायत देखी होगी, संभव है कि ये H3N2 वायरस के संक्रमण के कारण हो।
Alert: बुखार-खांसी और गले में दर्द से हैं परेशान, आपको H3N2 का संक्रमण तो नहीं? दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा प्रकोप
- आपने भी अपने आसपास के लोगों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायत देखी होगी, संभव है कि ये H3N2 वायरस के संक्रमण के कारण हो।
- वायरस समय के साथ थोड़ा बदलता रहता है। इस बार वायरस में कुछ म्यूटेशन देखे जा रहे हैं जो इसकी संक्रामकता और गंभीरता को बढ़ा रहे हैं।
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H3N2 वायरस और इसका बढ़ता खतरा
सर्वे की रिपोर्ट बताती है कि इस साल की शुरुआत में फ्लू के आंकड़ों (मार्च में लगभग 54% घरों में ऐसे ही लक्षण देखे गए थे) की तुलना में, मौजूदा प्रकोप में काफी वृद्धि देखी गई है। डॉक्टर इस उछाल के लिए H3N2 वायरस को जिम्मेदार मान रहे हैं। इस मौसम में इस तरह के लक्षण होना सामान्य है पर चिंता की बात ये है कि कई मामलों में ये सामान्य मौसमी फ्लू से ज्यादा गंभीर हो सकते हैं, यानी बुखार-खांसी और गले में दर्द की दिक्कत लंबे समय तक बनी रहती है।
अब सवाल ये है कि H3N2 वायरस क्या है और इससे कैसे बचा जाए?
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ प्रशांत सिंह कहते हैं, H3N2 भी इन्फ्लूएंजा-ए वायरस का ही एक हिस्सा है, जो फ्लू का कारण बनता है। यह वायरस आमतौर पर ठंड के मौसम में ज्यादा फैलता है, मौसम में बदलाव के दौरान भी इसका प्रकोप देखा जाता रहा है।
वायरस समय के साथ थोड़ा बदलता रहता है। इस बार वायरस में कुछ अतिरिक्त म्यूटेशन देखे जा रहे हैं जो इसकी संक्रामकता और गंभीरता को बढ़ा रहे हैं। यह वायरस किसी भी उम्र के लोगों को संक्रमित कर सकता है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह ज्यादा खतरनाक होता है।
H3N2 वायरस संक्रमण के क्या लक्षण होते हैं?
डॉ प्रशांत कहते हैं, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में इसके मामलों में तेजी आई है क्योंकि यहां भीड़-भाड़ ज्यादा होती है और लोग जल्दी एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं। इसलिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है ताकि हम खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रख सकें।
H3N2 वायरस से संक्रमित लोगों में फ्लू की तरह ही लक्षण देखे जाते हैं।
- कुछ लोगों को तेज बुखार के साथ गले में खराश, सूखी खांसी और नाक बंद होने की समस्या हो सकती है जैसा कि पहले भी फ्लू में देखा जाता रहा है।
- संक्रमितों को शरीर में दर्द, सिर में भारीपन और थकावट भी महसूस होती है।
- H3N2 वायरस में म्यूटेशन के कारण इस बार ये लक्षण लोगों में सामान्य से अधिक समय तक देखे जा रहे हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं इस संक्रमण से बचाव के लिए वही उपाय किए जाने चाहिए जो फ्लू और कोविड से बचाव के लिए होते हैं।
- बार-बार अपने हाथ धोना चाहिए। इसके लिए साबुन और पानी का उपयोग करें या फिर हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- बाहर जाते समय मास्क पहनें, खासकर जब भीड़ हो या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का डर हो।
- भीड़-भाड़ वाली जगहों से जितना हो सके बचें और सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले सावधानी बरतें।
- अपने खान-पान का ध्यान रखें। आहार में ताजे फल और सब्जियां खाएं, पर्याप्त पानी पिएं और पर्याप्त नींद लें। इससे शरीर मजबूत रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
यदि आपको 3 दिन से अधिक समय तक बुखार बना रहे, सांस लेने में कठिनाई हो, गले में गंभीर दर्द या सूजन हो इसके साथ चक्कर आने या उल्टी की दिक्कत हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।