कैंसर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, ये मौत के भी प्रमुख कारणों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कैंसर का खतरा सभी उम्र के लोगों में बढ़ता जा रहा है, ऐसे में कम उम्र से ही इसके लिए बचाव के प्रयास करते रहना जरूरी हो जाता है। हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण हो जाती है। इससे संबंधित हालिया आंकड़े और भी चिंता बढ़ाने वाले हैं जिसमें बताया गया है कि समय के साथ कम उम्र के लोग इसके शिकार हो रहे हैं।
Cancer Study: कम उम्र के लोगों में बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, 2030 तक और बिगड़ सकते हैं हालात
समय के साथ बढ़ा है जोखिम
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व वाली टीम ने बताया कि 1990 के बाद से श्वासनली और प्रोस्टेट कैंसर के केस सबसे तेजी से बढ़े हैं। साल 2019 की शुरुआत में स्तन कैंसर के मामले सबसे अधिक रिपोर्ट किए जा रहे थे, इसका जोखिम अब भी बना हुआ है। स्तन, श्वासनली, फेफड़े, आंत और पेट के कैंसर के कारण अब भी सबसे ज्यादा मौतें रिपोर्ट की जा रही है।
शोधकर्ताओं ने कहा इस अध्ययन निष्कर्षों में 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों में इसके बढ़ते जोखिमों के बारे में जानने को मिला है, हमें इस खतरे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
204 देशों में 29 प्रकार के कैंसर के लिए तैयार किए गए ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2019 आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि 1990 और 2019 के बीच 14 से 49 वर्ष की आयु वालों में कैंसर की घटनाओं के मामले में बड़ा परिवर्तन देखा गया है। 2019 में, 50 से कम उम्र के लोगों में कैंसर के नए निदानों की संख्या 1.82 मिलियन थी, जो 1990 के आंकड़े से 79 प्रतिशत अधिक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को कैंसर के खतरे से बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है।
आने वाले वर्षों में भी इसका खतरा
कैंसर के बढ़ते जोखिमों को लेकर विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा है कि जिस गति से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में आशंका है कि इसका खतरा और भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 में कैंसर के नए शुरुआती मामलों में 31 प्रतिशत और उससे जुड़ी मौतों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। समय साथ इसका उम्र भी कम होता देखा जा रहा है, 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में भी इसका जोखिम हो सकता है।
--------------
स्रोत और संदर्भ
Global trends in incidence, death, burden and risk factors of early-onset cancer from 1990 to 2019
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।