फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Amebic Encephalitis: केरल में 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' का खतरा, एक बच्ची की मौत; जानिए इस घातक बीमारी के बारे में

Sat, 16 Aug 2025 10:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 16 Aug 2025 10:09 PM IST
सार

  • केरल के कोझिकोड जिले में अमीबिक इंसेफेलाइटिस संक्रमण के कारण नौ साल की एक बच्ची की मौत हो गई है। ये एक दुर्लभ प्रकार का मस्तिष्क संक्रमण है, जो संक्रमित दूषित जल में पाए जाने वाले अमीबा के कारण होता है। इसे 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' के नाम से भी जाना जाता है।

विज्ञापन
girl dies of amoebic encephalitis rare brain infection in Kerala know its symptoms and prevention
अमीबिक इंसेफेलाइटिस के कारण बच्ची की मौत - फोटो : Adobe stock photos

हाल के महीनों में निपाह वायरस के प्रकोप के बाद दक्षिणी राज्य केरल से एक और गंभीर संक्रामक रोग का मामला सामने आ रहा है। शनिवार (16 अगस्त) को अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में अमीबिक इंसेफेलाइटिस संक्रमण के कारण दो दिन पहले नौ साल की एक बच्ची की मौत हो गई। ये  एक दुर्लभ प्रकार का मस्तिष्क का संक्रमण है, जो संक्रमित दूषित जल में पाए जाने वाले अमीबा के कारण होता है। 



एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बच्ची को 13 अगस्त को बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत तेजी से बिगड़ने पर उसे 14 अगस्त को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई।

मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब में शुक्रवार देर रात सैंपल की जांच की गई। जांच में पता चला कि बच्ची की मौत का कारण अमीबिक इंसेफेलाइटिस था। गौरतलब है कि ये संक्रमण काफी घातक होता है और केरल में पहले भी इसके मामले देखे जाते रहे हैं। इस 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' भी कहा जाता है। इस मामले के सामने आने के बाद अधिकारियों ने सभी लोगों को अलर्ट रहने और सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है।

girl dies of amoebic encephalitis rare brain infection in Kerala know its symptoms and prevention
अमीबिक इंसेफेलाइटिस से बच्ची की मौत - फोटो : Freepik.com

इस साल का चौथा मामला

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, हम उस जलाशय की पहचान करने कोशिश कर रहे हैं जहां के दूषित पानी के कारण बच्ची को यह रोग हुआ था। जलाशय की पहचान हो जाने के बाद, हम उन लोगों की तलाश करेंगे जिन्होंने हाल ही में उसमें स्नान किया होगा, ताकि उन्हें इस जानलेवा संक्रमण के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।

अधिकारी ने बताया कि इस साल जिले में दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण का यह संभवतः चौथा मामला है। पिछले साल भी केरल के कई जिलों में इस संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए थे।

girl dies of amoebic encephalitis rare brain infection in Kerala know its symptoms and prevention
मस्तिष्क में संक्रमण का खतरा - फोटो : istock

अमीबिक इंसेफेलाइटिस के बारे में जानिए

मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक अमीबिक इंसेफेलाइटिस मस्तिष्क का एक दुर्लभ और घातक संक्रमण है । इसे मोटे तौर पर प्राथमिक अमीबिक मेनिंगोइंसेफेलाइटिस (पीएएम) और ग्रैनुलोमैटस अमीबिक इंसेफेलाइटिस (जीएई) में वर्गीकृत किया जा सकता है। 

अमीबिक इंसेफेलाइटिस  या प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस (पीएएम), नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा के संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी है। यह संक्रमण मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट करने लगता है जिससे ज्यादातर मामलों में मस्तिष्क में गंभीर सूजन और मृत्यु हो जाती है।

आंकड़ों से पता चलता है कि वैसे तो ये दुर्लभ है पर ये आमतौर पर स्वस्थ बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों में हो सकता है। संक्रमण की आशंका तब अधिक हो सकती है जब दूषित पानी नाक में प्रवेश कर जाता है। पानी में गोते लगाने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
girl dies of amoebic encephalitis rare brain infection in Kerala know its symptoms and prevention
संक्रमितों को क्या दिक्कतें होती हैं? - फोटो : Freepik.com

संक्रमितों को क्या दिक्कतें होती हैं?

अध्ययनों की रिपोर्ट से पता चलता है कि संक्रमितों में शुरुआती लक्षण आमतौर पर फ्लू की तरह होते हैं जिसमें सिरदर्द, बुखार, मतली और उल्टी की दिक्कत हो सकती है। गंभीर स्थिति में गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे पड़ने, कोमा जैसी मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके लक्षण तेजी से विकसित हो सकते हैं और पांच से 18 दिनों के भीतर संक्रमण घातक हो सकता है।

मस्तिष्क की सूजन के कारण दौरे पड़ सकते हैं। कुछ संक्रमितों में हेलुसिनेशन और शरीर का संतुलन बनाने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

विज्ञापन
girl dies of amoebic encephalitis rare brain infection in Kerala know its symptoms and prevention
संक्रमण से बचाव का उपाय करते रहना जरूरी - फोटो : Adobe stock

बचाव के लिए विशेषज्ञों ने दी सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधान करते हुए कहा, बच्चों को तालाब या ठहरे हुए पानी में नहाने से बचना चाहिए। स्विमिंग पूल और वाटर थीम पार्क में पानी को नियमित रूप से क्लोरीनेट करते रहना भी जरूरी है। दूषित पानी के संपर्क में आने के कारण इस संक्रमण का खतरा होता है।




-----------------------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed