क्या आपके दिन की शुरुआत भी चाय-कॉफी के साथ होती है? अगर हां, तो क्या आपने कभी सोचा कि ये आदत सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक?
Health Tips: दूध वाली चाय नहीं इस हर्बल टी के साथ करिए दिन की शुरुआत, कई गंभीर बीमारियों से रहेंगे सुरक्षित
अदरक और हल्दी वाली चाय के फायदे
अदरक और हल्दी दोनों में प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक तत्व होते हैं। जब इनकी चाय बनाई जाती है तो यह एक स्वास्थ्यवर्धक पेय बन जाता है। खाली पेट यह चाय पीने से पाचन क्रिया तेज होती है, सूजन कम होती है और कब्ज से राहत मिलती है। अदरक भोजन को पचाने में मदद करता है, जबकि हल्दी लिवर के कार्य में सहायता करती है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। इससे त्वचा की चमक बढ़ती है।
संक्रमण और मौसमी बीमारियों से होता है बचाव
अदरक और हल्दी एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होते हैं। यह सूजन कम करते हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत कर शरीर को संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और अदरक में मौजूद जिंजरोल जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द और गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। करक्यूमिन मस्तिष्क की कोशिकाओं की रक्षा करने के लिए जाना जाता है, जिससे अल्जाइमर जैसी न्यूरो डीजेनेरेटिव बीमारियों का खतरा कम होता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
आयुर्वेदाचार्य अच्युत त्रिपाठी बताते हैं हल्दी- अदरक औषधीय गुणों से युक्त होते हैं। बेहतर पाचन के साथ ये शरीर को डिटॉक्स करते हैं। इसे सुबह या रात में ले सकते हैं। गर्मियों में इसका सेवन सीमित मात्रा में करें क्योंकि यह डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है।
ये दोनों ही औषधियां आसानी से हमारे किचन में उपलब्ध भी होती हैं जिससे आप कम लागत में गजब के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
एक कप चाय में छिपा है कई बीमारियों का इलाज
अदरक कैलोरी बर्न करने में सहायक होता है, जबकि हल्दी रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है। हल्दी बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कम करती है। पहले के भी कई अध्ययनों में अदरक की चाय पीने से कई फायदों का जिक्र मिलता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ़्लेमेटरी, और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं। अदरक की चाय पीने से पाचन में सुधार होता है, शरीर की गर्माहट बढ़ती है और सर्दी-ज़ुकाम से राहत मिलती है, इसमें हल्दी मिलाने से इसके फायदों को और भी बढ़ाया जा सकता है।
---------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।