लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। सेंडेंटरी लाइफस्टाइल ने लोगों में मोटापे के जोखिम को बढ़ा दिया है, जिसे हृदय रोगों से लेकर मेटाबॉलिज्म, डायबिटीज और कई अन्य विकारों का कारण माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर माना जा रहा है कि लगभग 13 फीसदी युवा मोटापे के शिकार हैं। कुछ अध्ययनकर्ताओं ने चिंता भी जताई है कि आने वाले वर्षों में मोटापे के कारण होने वाली बीमारियों की 'महामारी' आ सकती है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी इस वैश्विक खतरे को लेकर चिंतित दिख रहा है।
Alert: इस बढ़ते लाइफस्टाइल विकार को लेकर WHO चिंतित, पहली बार 'एसेंशियल मेडिसिन' में शामिल हो सकती है इसकी दवा
मोटापे के लिए दवाओं की सिफारिश
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के डॉक्टरों और शोधकर्ता ने WHO समिति को एक सिफारिश भेजी है जिसमें पूछा गया कि क्या इसके लिए दवाओं को एसेंशियल मेडिसिन सूची में शामिल किए जाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अभी तक मोटापा के उपचार के लिए दवाओं के उपयोग करने के अनुरोध पर समिति की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
डब्ल्यूएचओ में पोषण विभाग के निदेशक डॉ फ्रांसेस्को ब्रांका कहत हैं, हम मान कर चल रहे हैं कि यह एक कार्य प्रगति पर है और इसपर कोई फैसला लिया जा सकता है।
बच्चों और किशोरों में बढ़ता जोखिम
डॉ ब्रांका कहते हैं, डब्ल्यूएचओ बच्चों और किशोरों में बढ़ते वजन की समस्या को लेकर चिंतित है, इसे दीर्घकालिक तौर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है। मोटापा कम करने के लिए कुछ दवाओं को जेनेरिक दवा के रूप में बेचा जा सकता है। वहीं फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने 12 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए सक्सेंडा नामक दवा को पहले से ही अनुमति दी है। एफडीए का कहना है कि मोटापे के लिए किसी भी दवा के उपयोग के साथ डाइट में कैलोरी को कंट्रोल करना और नियमित व्यायाम जरूरी है।
मोटापे की स्थिति सेहत के लिए गंभीर
तमाम अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि मोटापा शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। तेजी से बढ़ते हृदय रोगों के साथ डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के लिए अधिक वजन की स्थिति को कारक माना जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इसे कई गंभीर रोगों का बढ़ाने वाला कारक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार और लाइफस्टाइल को ठीक करके इस गंभीर समस्या के जोखिम से बचा जा सकता है।
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स्रोत और संदर्भ
WHO to consider adding obesity drugs to 'essential' medicines list
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