जीवनशैली और खानपान में बदलाव के जरिए डायबिटीज को रोका जा सकता है। दरअसल, अगर हम अपनी डाइट में कुछ पौष्टिक चीजें शामिल करते हैं तो हमें डायबिटीज होने का खतरा बहुत कम रह जाता है। ये चीजे हमारे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखती हैं और डायबिटीज के लिए ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रखना बेहद जरूरी होता है। पौष्टिक आहार के जरिए आप टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कौन-से पौष्टिक आहार डाइट में शामिल करने से शुगर नहीं होता...
ये छह चीजें डाइट में शामिल करने से आपको कभी नहीं होगा शुगर
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अगर आप चाहते हैं कि आपको शुगर न हो तो पत्तेदार साग खाएं। पत्तेदार सब्जियां बेहद पौष्टिक होती हैं। इनमें कम कैलोरीज होती है। नियमित डाइट में पत्तेदार सब्जियों को शामिल करने से डाइबिटीज का खतरा कम रहता है। पत्तेदार सब्जियों से ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। इसके अलावा पत्तेदार सब्जियों में कई तरह के विटामिन और खनीज भी मौजूद होते हैं। पत्तेदार साग में एंटीऑक्सीडेंट ल्यूटिन और जेक्सैंथिन की भरपूर मात्रा होती है।
डाइट में अंडे शामिल करने से डायबिटीज का खतरा कम रहता है।शोध में यह बात सामने आई है कि टाइप-2 डाइबिटीज वाले जिन मरीजों ने हर रोज दो अंडे अपनी डाइट में शामिल किए, उनके कोलेस्ट्रोल और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहा। इसके अलावा अंडे में भरपूर मात्रा में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा होती है।
दालचीनी से ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट की भी भरपूर मात्रा होती है। कई शोधों में इस बात का पता चला है कि दालचीनी इंसुलिन सेंसटीविटी के स्तर में सुधार करता है। इसके अलावा दालचीनी में कोलेस्ट्रोक की भी मात्रा कम होती है। अपने खाने में दालचीनी का इस्तेमाल करें डायबिटीज का खतरा कम होगा।
हल्दी के कई स्वास्थ लाभ हैं। औषधीय गुणों की वजह से हल्दी का भारतीय मसालों में अलग ही स्थान है। डाइबिटीज में भी हल्दी लाभदायी है। हल्दी से ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है और हार्ट अटैक का भी खतरा कम होता है।