उच्च रक्तचाप की बीमारी बेहद घातक और जानलेवा है। खानपान में ज्यादा मात्रा में सोडियम के सेवन की वजह से आपको उच्च रक्तचाप की समस्या होती है जो कि हाइपरटेंशन में तब्दील हो जाती है। हाइपरटेंशन की वजह से आपको हार्ट अटैक आ सकता है और या फिर आपकी किडनी भी फेल हो सकती है। लेकिन अगर आप अपनी जीवनशैली को सुधारते हैं और डाइट में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा लेते हैं तो आप अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए आपको अपने डाइट में क्या शामिल करना चाहिए
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए आपको अपनी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। आपको पालक और पत्तेदार सब्जी खानी चाहिए। फल में आपको ज्यादा केला, तरबूज, खुबानी और जामुन खाना चाहिए। आपको कम चिकनाई वाली दही और एवोकैडा की सब्जी खानी चाहिए। आप ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए अपनी डाइट में मछली को भी शामिल कर सकते हैं क्योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कि सेहत के लिए लाभकारी होता है।
आपको बाहर के खाने से बचना चाहिए और पैकेट बंद खाना एकदम बंद कर देना चाहिए। आप अपने डाइट में ताजा सब्जी और फलों को शामिल करना चाहिए। अगर आप अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना चाहते हैं तो आपक नमक के साथ ही चीनी और रेड मीट को बंद कर देना चाहिए और ट्रांस फैट की मात्रा कम लेनी चाहिए। अगली स्लाइड में पढ़िए हाई बीपी के लक्षण और खतरे...
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high bp
- फोटो : amar ujala
उच्च रक्तचाप एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कोरोनरी हार्ट डिजीज, हार्ट फेल्योर, स्ट्रोक और किडनी फेल्योर जैसी जानलेवा बीमारी भी हो सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से रक्त वाहिनियों में दबाव पड़ने लगता है और वॉल क्षतिग्रस्त हो जाती है या उनमें ब्लॉकेज आ जाती है।
सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आपका ब्लडप्रेशर 90 और 120 मिलीमीटर के बीच रहे। इससे ज्यादा ब्लड प्रेशर होने पर व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार हो जाता है। हाइपरटेंशन हमारी कोरोनरी आर्टरी की परतों को नुकसान पहुंचाता है। इसकी वजह से हमारे दिमाग से लेकर किडनी तक को क्षति पहुंच सकती है।जब ब्लड प्रेशर उच्च होता है, तो ब्लड धमनियों (आर्टरी) की साइड की परतों को तेजी से हिट करता है। इसकी वजह से धमनियों की परतों को नुकसान पहुंचता है। वो क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। धमनियों में होने वाले इस नुकसान से रुकावट आ जाती है। काफी लंबे वक्त से हाइपरटेंशन होने पर हार्ट की मांसपेशियों में कमज़ोरी आ जाती है। हार्ट फेल होने की संभावना बढ़ जाती है।