गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन, वायरल फीवर, हीट स्ट्रोक और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं किसी को भी हो सकती हैं। इन चीजों से बचने का एक ही उपाय है और वो है सावधानी बरतना। गर्मी ऐसा मौसम है जिसमें खाना कम और पानी अधिक पीने की आवश्यकता होती है। साथ ही, खाने में भी बेहद हेल्दी फूड शामिल करना चाहिए वरना फूड पॉइजनिंग आपको भारी पड़ सकता है। अगर खाने के कुछ घंटों बाद आपको मिचलाहट, उल्टी, पेट में दर्द या ऐंठन होती है या दस्त होने लगता है, तो ये फूड प्वॉइजनिंग के कारण हैं।
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गर्मियों में बढ़ जाती है 'फूड पॉइजनिंग' की समस्या, ये तरीके अपनाएं और खुद को बचाएं
Fri, 07 Jun 2019 11:49 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Fri, 07 Jun 2019 11:49 AM IST
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दूषित खाना हो सकता है फूड पॉइजनिंग की बड़ी वजह
खाने की चीजें बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या उनके टॉक्सिन और केमिकल से दूषित होती हैं। बैक्टीरिया द्वारा छोड़े गए टॉक्सिन से फूड पॉइजनिंग होती है, जो बहुत शक्तिशाली जहर होता है। इन टॉक्सिन के शरीर में जाने से कई तरह के केमिकल रिएक्शन होते हैं, जिससे मिचलाहट, पेट दर्द, उल्टी या डायरिया की दिक्कतें हो सकती हैं। इतना ही नहीं बैक्टीरिया खुद भी खाने को दूषित कर सकते हैं, जिससे आपकी तबीयत खराब हो सकती है। केमिकल के फलों या सब्जियों में होने से भी फूड पॉइजनिंग हो सकती है क्योंकि आजकल फलों को केमिकल से पकाया जाता है।
खाने की चीजें बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या उनके टॉक्सिन और केमिकल से दूषित होती हैं। बैक्टीरिया द्वारा छोड़े गए टॉक्सिन से फूड पॉइजनिंग होती है, जो बहुत शक्तिशाली जहर होता है। इन टॉक्सिन के शरीर में जाने से कई तरह के केमिकल रिएक्शन होते हैं, जिससे मिचलाहट, पेट दर्द, उल्टी या डायरिया की दिक्कतें हो सकती हैं। इतना ही नहीं बैक्टीरिया खुद भी खाने को दूषित कर सकते हैं, जिससे आपकी तबीयत खराब हो सकती है। केमिकल के फलों या सब्जियों में होने से भी फूड पॉइजनिंग हो सकती है क्योंकि आजकल फलों को केमिकल से पकाया जाता है।
फूड पॉइजनिंग के लक्षण
-फूड पॉइजनिंग के लक्षण खराब खाना खाने के बाद कई घंटे से लेकर कुछ दिन तक दिखाई दे सकते हैं।
-फूड पॉइजनिंग होने पर पेट में दर्द या ऐंठन, दस्त, उल्टी, बुखार ये सभी लक्षण एकसाथ भी दिख सकते हैं।
-डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और थकान भी हो सकता है।
-फूड पॉइजनिंग के लक्षण खराब खाना खाने के बाद कई घंटे से लेकर कुछ दिन तक दिखाई दे सकते हैं।
-फूड पॉइजनिंग होने पर पेट में दर्द या ऐंठन, दस्त, उल्टी, बुखार ये सभी लक्षण एकसाथ भी दिख सकते हैं।
-डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और थकान भी हो सकता है।
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फूड पॉइजनिंग से बचने के उपाय
-अगर बार-बार उल्टी हो रही है, दस्त होते दो-तीन दिन हो चुके हैं, पेट दर्द और ऐंठन महसूस हो, बुखार, डिहाइड्रेशन, मांसपेशियों में कमजोरी, धुंधला दिख रहा है, तो इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
-उल्टी और दस्त होने पर तरल चीजें जैसे नारियल पानी, दाल का पानी, नींबू पानी और जूस पिएं।
-फूड पॉइजनिंग के इलाज में सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि इस दौरान उल्टी या दस्त के कारण शरीर से जितने तरल की हानि (फ्लूइड लॉस) हो, उसकी पूर्ति की जाए।
-अगर बार-बार उल्टी हो रही है, दस्त होते दो-तीन दिन हो चुके हैं, पेट दर्द और ऐंठन महसूस हो, बुखार, डिहाइड्रेशन, मांसपेशियों में कमजोरी, धुंधला दिख रहा है, तो इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
-उल्टी और दस्त होने पर तरल चीजें जैसे नारियल पानी, दाल का पानी, नींबू पानी और जूस पिएं।
-फूड पॉइजनिंग के इलाज में सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि इस दौरान उल्टी या दस्त के कारण शरीर से जितने तरल की हानि (फ्लूइड लॉस) हो, उसकी पूर्ति की जाए।