हृदय रोगों के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, इसे मृत्यु के प्रमुख कारणों में से भी एक माना जाता है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 33 वर्षीय ब्राजीलियन इंफ्लुएंसर लारिसा बोर्गेस की मौत हो गई है। सोशल मीडिया पर लारिसा के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृत्यु का कारण डबल कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। लारिसा के रिश्तेदारों ने इंस्टाग्राम पोस्ट कर मृत्यु की जानकारी दी है। ''इतनी कम उम्र लारिसा का चले जाना झकझोरने वाला है, बोर्गेस ने अपने जीवन के लिए "साहसपूर्वक संघर्ष किया"।
Heart Problem: फिटनेस इंफ्लुएंसर लारिसा बोर्गेस की डबल कार्डियक अरेस्ट से मौत, जानिए क्या होती है ये समस्या
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दूसरी बार कार्डियक अरेस्ट से मौत
मीडिया रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट नहीं है कि दूसरी बार कार्डियक अरेस्ट का क्या कारण है, हालांकि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि जब उन्हें हृदयघात हुआ, वह नशे में थी। मृत्यु के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
कार्डियक अरेस्ट हृदय स्वास्थ्य से संबंधित गंभीर समस्या है जिसे जानलेवा माना जाता है। हार्ट अटैक की तुलना में कार्डियक अरेस्ट के कारण मृत्यु का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। पर ये डबल कार्डियक अरेस्ट क्या होता है और इसके क्या कारण हो सकते हैं, आइए इस बारे में समझते हैं।
डबल कार्डियक अरेस्ट की समस्या
डबल कार्डियक अरेस्ट के बारे में जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि कार्डियक अरेस्ट क्या होता है?
कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब हृदय अचानक और अप्रत्याशित रूप से पंप करना बंद कर देता है। इस स्थिति में मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में भी रक्त का प्रवाह बंद हो जाता है। कार्डिएक अरेस्ट, दिल की धड़कन की अनियमितता के कारण होती है जो हृदय को रक्त पंप करने में बाधा उत्पन्न कर सकती है। दो बार कार्डियक अरेस्ट होने के क्या कारण हो सकते हैं, आइए इस बारे में जानते हैं।
डबल कार्डियक अरेस्ट के बारे में जानिए
डबल कार्डियक अरेस्ट, जिस तरह से नाम से ही स्पष्ट है कि यह एक के बाद दूसरे कार्डियक अरेस्ट की समस्या है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी व्यक्ति को कई बार कार्डियक अरेस्ट की समस्या हो सकती है। कार्डियक अरेस्ट में जितनी जल्दी उपचार प्राप्त हो जाए, रोगी के जीवित बचने की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि कार्डियक अरेस्ट में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाती है इसके कारण मल्टी ऑर्गन फेलियर का खतरा भी अधिक होता है।
यही कारण है कि इसके लक्षणों का पता लगाना और समय पर इलाज प्राप्त करना बहुत आवश्यक माना जाता है।
कोरोनरी आर्टरी डिजीज वाले रोगी रहें सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) वाले रोगियों में कार्डियक अरेस्ट की समस्या होने का खतरा अधिक होता है। सीएडी एक प्रकार का हृदय रोग है यह तब होता है जब कोरोनरी धमनियां प्लाक की रुकावटों के कारण संकीर्ण और मोटी हो जाती हैं, इससे हृदय में रक्त का प्रवाह कम या बाधित हो जाता है।
यदि समय पर इस समस्या का निदान न हो या उपचार न किया जाए, तो सीएडी के कारण हार्ट फेलियर, कार्डियक अरेस्ट या हृदय गति में असामान्यता होने का जोखिम रहता है, ये जानलेवा भी हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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