दिसंबर 2019 में पहली बार चीन के वुहान शहर में नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। अब तक इसके सामने आए वैरिएंट्स ने वैश्विक स्तर पर कई तरह की जटिलताएं पैदा की हैं। हाल ही में पता चले कोरोना के एक्सई वैरिएंट की संक्रामता को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अलर्ट जारी करते हुए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की अपील की है। महामारी के दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद अभी तक एक बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि नोवेल कोरोनावायरस का मुख्य स्रोत क्या है? यह कैसे इंसानों तक पहुंचा? कुछ अध्ययनों में दावा किया जाता रहा है कि चमगादड़ों से यह वायरस संभवत: इंसानों में आया है, हालांकि इस दावे की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं है।
Covid-19: चमगादड़ नहीं, अमेरिका में अब इस जानवर से इंसानों में 'यूनिक स्टेन' संक्रमण का दावा, सीडीसी ने की पुष्टि
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चार लोगों में मिंक से संक्रमण का दावा
सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जिन चार लोगों में मिंक से कोरोना संक्रमण का पता चला है, इनमें से दो मिशिगन मिंक फार्म के कर्मचारी हैं, इनमें अक्टूबर 2020 में संक्रमण का मामला सामने आया था। शेष दो एक ही क्षेत्र के हैं, लेकिन फार्म से इनका कोई संबंध नहीं था।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी आशंका है कि मिंक में पाया गया यह कोरोना वैरिएंट संभवत: उस क्षेत्र में और भी लोगों में संक्रमण का कारण बना होगा, जिसकी गंभीरता से जांच की आवश्यकता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं ने मिंक से इंसानों में फैले कोरोना स्ट्रेन और इसकी प्रकृति को जानने के लिए संक्रमितों से सैंपल एकत्रित किए। इसके अध्ययन में वायरस में दो नए म्यूटेशन देखने को मिले हैं। सीडीसी के वन हेल्थ में निदेशक डॉ केसी बार्टन बेहरवेश बताते हैं, इस तरह के म्यूटेशन पहले यूरोप में फ़ार्म्ड मिंक में नोटिस किए जा चुके हैं। फर्म के श्रमिकों के बीमार होने और मृत्यु दर में वृद्धि के बाद सैंपल टेस्टिंग में इसका पता चला था। यह मामले अब अमेरिका में भी देखे गए हैं।
मिंक-टू-ह्यूमन स्प्रेड
इंसानों में मिंक से कोरोना वायरस संक्रमण को नेशनल ज्योग्राफिक ने सबसे पहले रिपोर्ट किया। पिछले साल, द डेट्रॉइट फ्री प्रेस और द डॉक्यूमेंटिंग कोविड-19 प्रोजेक्ट ने पहले तीन मामलों की सूचना दी थी। इससे पहले अक्टूबर 2020 की शुरुआत में, मिशिगन के अधिकारियों ने बताया था कि फर्म के एक मिंक में वायरस का पता चला था, इसके बाद साथी कई जानवरों की मौत हो गई थी। तब से इस मामले पर सीडीसी नजर बनाए हुए था।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉ केसी बार्टन बताते हैं, रिपोर्ट से यह पता चलता है कि मिंक-टू-ह्यूमन स्प्रेड हो सकता है। अच्छी बात यह है कि सभी मानव संक्रमित इससे ठीक हो गए हैं। वैसे तो जानवरों से मनुष्यों में कोरोना वायरस का संचरण दुर्लभ माना जाता है। कोरोनावायरस इंसानों से एक दूसरे में अधिक फैलता है, पर जानवरों से इसके इंसानों में संक्रमण के मामले कम रिपोर्ट होते रहे हैं। इस विषय में आगे शोध जारी है।
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स्रोत और संदर्भ
Government documents reveal CDC delayed disclosing likely COVID-19 animal spillover event
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