खान-पान को ठीक रखना सेहत को ठीक रखने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि आहार विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से प्रोटीन, विटामिन्स और फाइबर वाली चीजों के सेवन की सलाह देते हैं। हालांकि चिंता वाली बात ये है कि हम सभी फास्ट फूड और प्रोसेस्ड चीजों के पीछे इतने भाग रहे हैं कि शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। अध्ययनों से पता चलता है कि आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करके संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।
Fiber: सिर्फ पेट ही नहीं आपके दिल के लिए भी जरूरी है फाइबर, क्या आपकी डाइट में है ये न्यूट्रिशन?
अक्सर लोग मानते हैं कि फाइबर का काम सिर्फ कब्ज दूर करना और पाचन को बेहतर बनाना है, पर क्या आप जानते है कि इसकी कमी दिल की सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकती है?
हार्ट के लिए भी जरूरी है फाइबर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फाइबर का सेवन दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए भी बहुत जरूरी है।
- फाइबर वाली चीजें एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
- इसके अलावा ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने, आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में भी इससे मदद मिलती है।
जिन लोगों के भोजन में फाइबर की कमी होती है उन्हें कब्ज, गैस और पेट की समस्याओं के साथ-साथ मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का खतरा भी ज्यादा रहता है।
बैड कोलेस्ट्रॉल होता है कंट्रोल
अध्ययनों से पता चलता है कि घुलनशील फाइबर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
- यह आंतों में पित्त अम्लों से जुड़कर उन्हें शरीर से बाहर निकालने में सहायता करता है, जिससे शरीर को नया पित्त बनाने के लिए कोलेस्ट्रॉल का उपयोग करना पड़ता है।
- इससे रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है।
- लंबे समय तक फाइबर की कमी से हाई कोलेस्ट्रॉल, धमनियों में प्लाक बनने और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
शुगर-वेट लॉस में भी मददगार
फाइबर युक्त भोजन धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनावश्यक खानपान कम होता है। यही कारण है कि फाइबर को वेट लॉस के लिए जरूरी माना जाता है। मोटापे की स्थिति डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा देती है।
इसी तरह फाइबर वाली चीजें भोजन से ग्लूकोज के अवशोषण की गति को धीमा करती हैं। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में दिल की बीमारी का खतरा अधिक होता है।
कैसे पूरी करें फाइबर की कमी?
विशेषज्ञ आमतौर पर सभी लोगों को प्रतिदिन 30-40 ग्राम फाइबर लेने की सलाह देते हैं।
- साबुत अनाज, ओट्स, दालें, राजमा-चना और लोबिया इसका अच्छा स्रोत है।
- इसके अलावा सेब, नाशपाती, अमरूद, संतरा, गाजर, पालक, ब्रोकोली, अलसी के बीज और चिया सीड्स फाइबर भी इसके अच्छे स्रोत हैं।
- फलों का जूस पीने के बजाय पूरा फल खाना अधिक लाभकारी होता है क्योंकि उसमें प्राकृतिक फाइबर बना रहता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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