मधुमेह, तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, इसमें ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आनुवांशिक कारकों के साथ जीवनशैली की गड़बड़ी और आहार का ध्यान न रखना आपकी इस समस्या को बढ़ा सकती है। बढ़े हुए ब्लड शुगर के लेवल को अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भी क्षति पहुंचने का खतरा रहता है। टाइप-2 डायबिटीज, के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं, विशेषज्ञ मुख्यरूप से इसे जीवनशैली की गड़बड़ी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या मानते हैं। इसमें रोगी को आहार का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
आज का हेल्थ टिप्स: डायबिटीज में आहार को लेकर बरतें विशेष सावधानी, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में ये टिप्स हैं मददगार
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पोषकता वाली चीजों का सेवन जरूरी
डायबिटीज रोगियों के लिए आहार में प्रोटीन वाली चीजों को शामिल करना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसके लिए पौधों पर आधारित चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए। सेम और दाल, बीन्स, पनीर, दूध, दही आदि से शरीर के लिए आवश्यक मात्रा में प्रोटीन की प्राप्ति की जा सकती है। प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर वाली चीजों का सेवन करना भी सुनिश्चित करें, ये आपके शुगर लेवल को बढ़ने से रोकने में सहायक हैं।
कार्बोहाइड्रेट का भी सेवन जरूरी
आमतौर पर डायबिटीज वाले लोग कार्बोहाइड्रेट का सेवन बिल्कुल बंद कर देते हैं, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरीके को स्वस्थ नहीं मानते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए आहार में स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट को शामिल करना भी जरूरी है। साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, ताजे फल, सब्जियां, छोले, बीन्स और दाल, और डेयरी उत्पादों का सेवन करना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
रेड और प्रोसेस्ड मीट से बनाएं दूरी
रेड और प्रोसेस्ड मीट के अधिक सेवन को कई अध्ययनों में स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक बताया गया है। डायबिटीज रोगियों को भी इससे बचाव करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से प्रोसेस्ड मीट के अधिक सेवन से हृदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह, कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। रेड मीट की जगह, चिकन और अंडों का सेवन किया जा सकता है। रेड मीट अधिक खाने वाले लोगों में ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ने का जोखिम बना रहता है।
ज्यादा नमक भी है हानिकारक
डायबिटीज में चीनी के साथ नमक की मात्रा को लेकर भी सावधानी बरतनी चाहिए। भोजन को पकाते समय हल्के नमक का प्रयोग करें, भोजन पकने के बाद उसमें नमक न मिलाएं। इस प्रकार का भोजन रक्तचाप बढ़ाता है जिससे आंख और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। मधुमेह रोगियों को इन सभी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम पहले से ही अधिक होता है, ऐसे में नमक की मात्रा का भी विशेष ध्यान रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।