हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। कम उम्र में भी आर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द की शिकायतें देखने को मिल रही हैं। लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खराब लाइफस्टाइल इसके जोखिम को बढ़ा रहे हैं। ऐसे में नियमित योग, व्यायाम, वॉकिंग और साइकिलिंग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जोड़ों की गतिशीलता और मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकता है।
सेहत की बात: 30 की उम्र से पहले कमजोर हो रहे हैं जोड़? दिनचर्या में शामिल करें ये अभ्यास
आर्थराइटिस और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं केवल बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं हैं। नियमित व्यायाम, वॉकिंग, साइकिलिंग, तैराकी और योग जैसे अभ्यास जोड़ों की गतिशीलता, मांसपेशियों की मजबूती और संपूर्ण फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
सेहत के अनुसार करें व्यायाम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी को दिनचर्या में व्यायाम-योग को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपको दीर्घकालिक रूप में हड्डियों से संबंधित समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं।
- वॉकिंग, साइकिलिंग, तैराकी जैसे अभ्यास भी गठिया और हड्डियों से संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं।
- इस तरह के अभ्यास गठिया वाले लोगों को डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे जैसी क्रोनिक बीमारियों को कम करने में भी मदद करते हैं।
एरोबिक व्यायाम से मिलता है लाभ
एरोबिक व्यायाम को आर्थराइटिस से बचाने में सबसे कारगर पाया गया है। इसमें तेज गति से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी और डांसिंग शामिल हैं। इस तरह की गतिविधियां मांसपेशियों और हड्डियों को स्वस्थ रखने और शरीर में रक्त संचार को बढ़ाने में काफी लाभकारी माने जाते हैं। इस तरह के अभ्यास सभी उम्र के लोग आसानी से करके कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं।
कई प्रकार के योग भी फायदेमंद
यदि आप जिम नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही कुछ प्रकार के योगासनों का अभ्यास करके भी जोड़ों-हड्डियों को स्वस्थ रख सकते हैं।
- ब्रिज पोज- सेतुबंधासन योग का अभ्यास कमर-पीठ के दर्द को कम करने के साथ पैरों के जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- वॉरियर पोज- शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों के अभ्यास के लिए इसे सबसे कारगर योगासन माना जाता है।
- फॉरवर्ड फोल्ड, प्लैंक पोज, धनुरासन योग मुद्रा से भी लाभ मिल सकता है।
दिनचर्या में सभी लोगों को योग-व्यायाम को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपके संपूर्ण फिटनेस के लिए आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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