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आज का हेल्थ टिप्स: कंप्यूटर पर ज्यादा काम करने वालों में बढ़ रही हैं आंखों की समस्याएं, जरूर करें ये उपाय

Tue, 19 Apr 2022 10:31 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 19 Apr 2022 10:31 AM IST
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excessive screen use effects on eyes, digital eye syndrome cause and prevention
आंखों की बढ़ती समस्याएं - फोटो : pixabay

मोबाइल और कंप्यूटर की स्क्रीन पर बढ़ता समय, हमारी आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। कंप्यूटर पर ज्यादा काम करने वालों में कई तरह की आंखों से संबंधित समस्याएं देखने को मिलती रही हैं। विशेषज्ञ बताते हैं, स्कीन से निकलने वाली नीली रोशनी सीधे आंखों को नुकसान पहुंचाती है, जिसके कारण आंखों में दर्द, लालिमा, जलन और समस्या बढ़ने के साथ लोगों में ड्राई आइज की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ऑफिस में काम करने वाले या ऑनलाइन आपना समय ज्यादा बिताने वाले लोगों को आंखों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्क्रीन पर बीतने वाले अधिक समय के कारण होने वाली आंखों की समस्या को मेडिकल की भाषा में 'डिजिटल आई स्ट्रेन' के नाम से जाना जाता है। आमतौर पर इस समस्या पर हम ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन एक बार जब यह बढ़ने लगती है तो इसके कारण कई तरह की गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।

जिन लोगों का रोजाना कंप्यूटर पर अधिक समय बीतता है उन्हें अपनी आंखों के विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। कुछ बेहद सरल से उपाय इसमें आपकी मदद कर सकते हैं, जिसे हर किसी को प्रयोग में लाते रहना चाहिए। ये उपाय आपकी आंखों को होने वाली गंभीर समस्याओं से बचाने में काफी मददगार हो सकते हैं। आइए आगे इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या - फोटो : iStock

डिजिटल आई स्ट्रेन के कारण होने वाली दिक्कतें

डिजिटल आई स्ट्रेन आज के समय से, पहले से कहीं अधिक आम समस्या है, क्योंकि लगभग हर कोई दैनिक जीवन में स्क्रीन का उपयोग करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 50 फीसदी लोगों में इस तरह की समस्याओं का खतरा हो सकता है। वैसे तो इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि दीर्घकालिक तौर पर यह आपकी आंखों की रोशनी को खराब कर देता है, लेकिन यह आंखों से संबंधित कई तरह की असहज करने वाली समस्याओं का कारण जरूर बन सकती है, जिसमें आंखों में दर्द, लालिमा, चुभन और आंखों के सूखापन की समस्या काफी सामान्य है।

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आंखों की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : Pixabay

20/20/20 नियम का पालन करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारी आंखें पूरे दिन सीधे किसी भी चीज को लगातार देखने के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं। यही कारण है कि लगातार स्क्रीन देखते रहने वाले लोगों में इससे संबंधित कई तरह की दिक्कतें हो सकती है। इससे बचाव के लिए  20/20/20 नियम आपके लिए काफी मददगार है। इसके मुताबिक यदि आप स्क्रीन को 20 मिनट तक लगातार देखते हैं, तो आपको 20 सेकंड के लिए अपने से कम से कम 20 फीट दूर किसी चीज को देखते रहना चाहिए। यह आपके लिए काफी मददगार अभ्यास है। 

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ड्राई आइज की समस्या का जोखिम - फोटो : Istock

पलकों को झपकाते रहें

कंप्यूटर पर काम करते समय, थोड़ी-थोड़ी देर पर अपने पलकों को झपकाते रहने की आदत डालें। इससे आंखों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और ड्राई आइज की समस्या का जोखिम कम हो जाता है। पलकों को झपकाते रहने से आंखों को आराम भी मिलता है जिससे मांसपेशियों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम हो जाता है।

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कंप्यूटर-मोबाइल के कारण आंखों की समस्या - फोटो : iStock

नीली रोशनी को कम करें

विशेषज्ञों के मुताबिक कंप्यूटर-मोबाइल के कारण आंखों को होने वाले दुषप्रभावों को कम करने के लिए इससे निकलने वाली नीली रोशनी को कम रखें। आजकल सेटिंग्स में रीडिंग मोड का विकल्प होता है जो स्वत: इस रोशनी को कम कर देता है। रीडिंग मोड में काम करने से आंखों पर दुष्प्रभाव का जोखिम कम हो जाता है। आंखों की सेहत का ख्याल रखना सभी के लिए बहुत आवश्यक है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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