आयुर्वेद दुनिया की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धतियों में से एक है जिसका प्रयोग सेहत को बेहतर रखने से लेकर कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार तक में किया जाता रहा है। आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियों का जिक्र मिलता है जो शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती हैं। इतना ही नहीं अध्ययनों में कई औषधियों को गंभीर बीमारियों के इलाज तक के लिए काफी कारगर पाया गया है, पर क्या आप जानते हैं कि इन औषधियों से सेवन से लाभ तभी तक पाया जा सकता है, जब तक इनका सेवन संयमित मात्रा में किया जाता है। कुछ औषधियों और खाद्य पदार्थों की अधिकता को आयुर्वेद में स्वास्थ्य के लिए काफी गंभीर और नुकसानदायक बताया गया है।
Health Tips: सेहत के लिए इन चीजों को आयुर्वेद में माना जाता है कारगर, पर अधिक सेवन बढ़ा सकती है आपकी दिक्कत
सेब का सिरका
सेब के सिरके को कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी प्रभावों वाला माना जाता रहा है। इसका सेवन प्रतिरक्षा बढ़ाने, वजन कम करने, पाचन में सुधार और कोलेस्ट्रॉल- ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन करना शरीर को कई प्रकार से नुकसान पहुंचा सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक यह किण्वित और अम्लीय पेय है जिसकी अधिकता वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को प्रभावित कर सकती है। इसका नियमित रूप से अधिक सेवन करना त्वचा में जलन और पेट में अल्सर का कारण बन सकता है।
पिप्पली को लेकर बरतें सावधानी
पिप्पली का आयुर्वेद में कई प्रकार के लाभ के लिए जिक्र मिलता है। इसका उपयोग व्यापक रूप से खाद्य पदार्थों के स्वाद को बढ़ाने और आयुर्वेदिक दवाएं तैयार करने के लिए किया जाता है। इसमें ग्लाइकोसाइड्स, यूजेनॉल्स, एल्कलॉइड्स, टेरपेनोइड्स जैसे प्राकृतिक यौगिक होते हैं जो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। लेकिन इस जड़ी-बूटी का अत्यधिक सेवन वात, पित्त, कफ को असंतुलित कर सकता है। यह अपच, पेट दर्द, खुजली, लालिमा और त्वचा की सूजन का कारण बनता है।
नमक की संतुलित मात्रा जरूरी
नमक, भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। नमक में आयोडीन होता है, जो एक ट्रेस खनिज है और घेंघा नामक बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक है। लेकिन ध्यान रहे नमक में सोडियम भी होता है जिसका अधिक मात्रा में सेवन करने पर आपके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, नमक के अधिक सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है जिसे हृदय रोगों को बढ़ाने वाला कारक माना जाता है।
गिलोय की मात्रा को लेकर रखें ध्यान
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए गिलोय के सेवन को बहुत लाभकारी माना जाता है। गिलोय में मौजूद औषधीय गुण से शरीर को लाभ मिल सकता है। पर कहीं आप भी तो अधिक लाभ के चक्कर में इस औषधि का बहुत अधिक सेवन तो नहीं कर रहे हैं? आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि गिलोय का अधिक सेवन कब्ज़ के साथ लो ब्लड शुगर का कारण बन सकता है। इसकी अधिकता गर्भवती महिलाओं के लिए भी हानिकारक हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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