डायबिटीज रोग का बढ़ता वैश्विक जोखिम, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। हर साल बड़ी संख्या में वैश्विक स्तर पर मधुमेह के रोगी बढ़ते जा रहे हैं। लैंसेट ने एक अध्ययन में चिंता जताते हुए कहा है कि जिस गति से डायबिटीज के रोगी बढ़ रहे हैं ऐसे में आशंका है कि साल 2050 तक दुनियाभर में डायबिटीज रोगियों की संख्या बढ़कर 130 करोड़ से ऊपर जा सकती है। यह निश्चित ही स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ा बोझ होगा साथ ही डायबिटीज से संबंधित रोगों के कारण समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं।
Diabetes Association: मधुमेह रोगियों में तेजी से बढ़ती यह बीमारी हो सकती है गंभीर, सभी लोग जरूर कराएं जांच
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डायबिटीज रोगियों में लिवर की समस्या
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि टाइप-2 डायबिटीज वाले लगभग 70% लोगों को लिवर की बीमारी है, जिसमें एनएएफएलडी सबसे आम है। यह सिरोसिस और लिवर कैंसर का कारण भी बन सकती है। कुछ रोगियों में इसके कारण हृदय रोग और मृत्यु के बढ़ते जोखिमों को भी देखा गया है।
एनएएफएलडी वैसे भी गंभीर समस्या है, वहीं यदि यह डायबिटीज के साथ होती है तो इसकी गंभीरता और भी बढ़ सकती है, इसलिए सभी रोगियों में इसकी जांच जरूर की जानी चाहिए। इसको लेकर एडीए ने नई गाडइलाइंस भी जारी की है।
एनएएफएलडी या लिवर की जांच जरूरी
एडीए के मुख्य वैज्ञानिक और चिकित्सा अधिकारी रॉबर्ट गैबे कहते हैं, लिवर की बीमारी तेजी से मधुमेह रोगियों में बढ़ रही है। शोध बताते हैं कि डायबिटीज की जटिलताओं को हृदय रोगों और तंत्रिकाओं-आंखों की समस्याओं तक ही सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए, इसके और भी कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
डायबिटीज चूंकि मूल रूप से अग्नाश्य और लिवर से संबंधित समस्या है, ऐसे में एनएएफएलडी या लिवर के किसी भी रोग को अनदेखा करना मधुमेह वाले रोगियों के लिए जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
लाइफस्टाइल को रखें ठीक
डायबिटीज रोगियों के लिए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, एडीए ने कहा कि जो वयस्क टाइप-2 डायबिटीज या प्रीडायबिटीज के शिकार हैं उनमें नियमित जांच की रूटीन में लिवर की जांच को भी शामिल किया जाना चाहिए। डायबिटीज के साथ मोटापे की समस्या के कारण नॉनअल्कोहलिक फैटी लीवर रोग का जोखिम और भी अधिक हो सकता है।
एनएएफएलडी, लिवर में फैट बढ़ने की समस्या है, इस स्थिति में, भले ही आप बहुत कम या बिल्कुल भी शराब न पीते हों, आपके लिवर में वसा जमा हो जाती है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
डायबिटीज एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज रोगियों को इस तरह के जोखिमों से बचाव के लिए वजन को कंट्रोल में रखना सबसे आवश्यक है। स्वस्थ आहार का पालन, जीवनशैली में बदलाव, वजन कम करना और व्यायाम की आदत बनाना न सिर्फ आपके शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में सहायक हो सकता है साथ ही डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं से बचाने में भी मददगार है।
एनएएफएलडी पर अगर ध्यान दिया जाए तो इसके कारण लिवर सिरोसिस हो सकता है जिसके गंभीर दुष्प्रभावो का खतरा रहता है।
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स्रोत और संदर्भ
American Diabetes Association Releases a Guideline Update in NAFLD (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease) and Diabetes
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