पूरे उत्तर भारत में इस समय तेज गर्मी और लू का प्रकोप है। 38-40 डिग्री तक का यह तापमान न सिर्फ असहज कर देने वाली गर्मी को बढ़ाता है, साथ ही इस मौसम में सेहत को लेकर भी विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। लू और गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक, बुखार, त्वचा की समस्या, सिरदर्द और एलर्जी हो सकती है, ऐसे में इस मौसम में सभी लोगों को निरंतर गर्मी से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। गर्मी के इस मौसम में कई बैक्टीरिया भी सक्रिय हो जाते हैं, जो पेट से संबंधित कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सेहत को लेकर विशेष सावधान रहने की सलाह देते हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: लू-गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाएंगे ये आसान से उपाय, दिनचर्या में जरूर करें शामिल
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हीटस्ट्रोक से बचाव
गर्मी के महीनों में हीटस्ट्रोक प्रमुख समस्या है। विशेषज्ञों के मुताबिक वयस्क इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं क्योंकि उनका शरीर तापमान में बदलाव के साथ जल्दी से समायोजित नहीं हो पाता है। हीट स्ट्रोक में तेज बुखार, जी मिचलाना, उल्टी, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी दिक्कतें होती हैं। इससे बचाव के लिए पैरों को ठंडे पानी में डालने से काफी मदद मिल सकती है। धूप में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। अचानक से गर्मी से एसी या एसी से निकलकर तेज धूप में न जाएं।
हाइड्रेशन का ध्यान रखना बहुत जरूरी
निर्जलीकरण, गर्मी के दिनों में होने वाली सबसे आम समस्या है। इस मौसम में तापमान बढ़ने के कारण अधिक पसीना होता है, इसके अलावा मधुमेह और कुछ दवाओं के कारण भी शरीर निर्जलित हो सकता है। निर्जलीकरण की स्थिति में सिरदर्द, थकान और कमजोरी का अनुभव होता है। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आप दिनभर में खूब तरल पदार्थ और कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं।
आंखों का बचाव
तेज धूप के संपर्क में आने से आंखों को नुकसान हो सकता है। यूवी रेज से आंखों को सुरक्षित रखने के लिए धूप के चश्मे पहनकर बाहर निकलें। इसके अलावा आंखों को ठंडक देने के लिए कूलिंग जेल आई मास्क का उपयोग करें, आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें। यदि आपको खुजली, जलन या लालिमा की दिक्कत होती है तो डॉक्टर की सलाह पर ही किसी आई ड्रॉप को प्रयोग में लाएं।
त्वचा का बचाव
सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा को भी क्षति पहुंचती है। तेज धूप वाले इन दिनों में अपनी त्वचा की सुरक्षा करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। यदि संभव हो तो, धूप में बाहर जाने से बचें या फिर अच्छे सनस्क्रीन का प्रयोग करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर ही बार निकले, सिर को ढ़ककर जरूर रखें। त्वचा में अगर खुजली, जलन या दाने निकल रहे हैं तो इसके लिए किसी डॉक्टर की सलाह पर लोशन ले सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।