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भारत में सर्वाधिक मौत का ये है दूसरा सबसे बड़ा कारण, बचने का तरीका भी जान लें
मिनाक्षी मल्होत्रा
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:22 AM IST
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, घरों के अंदर होने वाला प्रदूषण वैश्विक पर्यावरण की सबसे बड़ी समस्या है, इससे विश्वभर में हर साल 43 लाख मौत होती हैं।घर से बाहर निकलते ही धुंआ, धूल और वायु प्रदूषण से हमारा सामना रोजाना होता है। जिस तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है, वह गंभीर बीमारियों के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। लेकिन बाहरी प्रदूषण जितना नुकसानदेह होता है, उससे दस गुना ज्यादा प्रदूषण हमारे घर के भीतर होता है। लेकिन इस ओर हम ध्यान नहीं देते। घर के वातावरण को शुद्ध नहीं बनाएंगे, तो बीमार हो जाएंगे।
भारतीय घरों में खाना घर के अंदर ही बनता है और प्रदूषित हवा बाहर निकालने की कोई उचित व्यवस्था नहीं होती। नतीजा हानिकारक रसायनों के साथ-साथ धूल, धुआं, हानिकारक कण घर के भीतर की हवा की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। नतीजा हवा में घुले हानिकारक कण हमारी सांस के माध्यम से शरीर में जाते हैं और हमें बीमार बनाते हैं।
सिर दर्द
घर या कार्यलय की हवा में फैले प्रदूषण में विषैले रसायनों, में सफाई उत्पादों, अस्थिर कार्बनिक यौगिकों, धूल, एलर्जेंस, संक्रामक एजेंट, सुगंध, तंबाकू का धुआं, अत्याधिक तापमान और आर्द्रता शामिल है। घर के भीतर जो प्रदूषण है, वह विशेषकर हमारी आंख, नाक गले को ज्यादा प्रभावित करता है। इससे आंखों में जलन, सिरदर्द, चक्कर आना, थकान, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या हो सकती है। अगर आप लगातार घरेलू प्रदूषण का शिकार होते रहें, तो इससे ह्रदय रोग और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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खोलिए खिड़की-दरवाजे
ज्यादातर लोग घरों के खिड़की दरवाजे खोलने में परहेज करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे धूल-मिट्टी के साथ प्रदूषित हवा भी अंदर आएगी, लेकिन वह गलत करते हैं। खिड़की-दरवाजों को बंद रखने से घर के भीतर मौजूद प्रदूषित हवा बाहर नहीं जा पाती। यह हवा सांस के माध्यम से हमारे शरीर के भीतर जाती है और हमें बीमार बनाती है। घर के भीतर के प्रदूषण को कम करने के लिए खिड़की-दरवाजों को सुबह-शाम खोलकर रखें। इससे प्रदूषित हवा बाहर जाती है और ताजी हवा अंदर आती है। घर के प्रदूषण को कम करने के लिए एग्जॉस्ट फैन चलाए रखें। घर में ध्रूमपान या धुंआ आदि करने से परहेज करें। जहरीली गैस का स्राव करने वाले उपकरण जैसे फ्रिज, एसी, आदि की समय-समय पर सर्विस कराते रहें। घर के फर्श को नियमित रूप से साफ करने के साथ-साथ घरेलू सामान को भी रोजाना साफ करें। घर के कोनों और फर्नीचर के नीचे से भी सफाई करें। कीटनाशको का उपयोग घर में कम से कम करें।
ज्यादातर लोग घरों के खिड़की दरवाजे खोलने में परहेज करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे धूल-मिट्टी के साथ प्रदूषित हवा भी अंदर आएगी, लेकिन वह गलत करते हैं। खिड़की-दरवाजों को बंद रखने से घर के भीतर मौजूद प्रदूषित हवा बाहर नहीं जा पाती। यह हवा सांस के माध्यम से हमारे शरीर के भीतर जाती है और हमें बीमार बनाती है। घर के भीतर के प्रदूषण को कम करने के लिए खिड़की-दरवाजों को सुबह-शाम खोलकर रखें। इससे प्रदूषित हवा बाहर जाती है और ताजी हवा अंदर आती है। घर के प्रदूषण को कम करने के लिए एग्जॉस्ट फैन चलाए रखें। घर में ध्रूमपान या धुंआ आदि करने से परहेज करें। जहरीली गैस का स्राव करने वाले उपकरण जैसे फ्रिज, एसी, आदि की समय-समय पर सर्विस कराते रहें। घर के फर्श को नियमित रूप से साफ करने के साथ-साथ घरेलू सामान को भी रोजाना साफ करें। घर के कोनों और फर्नीचर के नीचे से भी सफाई करें। कीटनाशको का उपयोग घर में कम से कम करें।
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पौधों को दें जगह
घर में मौजूद प्रदूषित हवा को शुद्ध करने और घरेलू प्रदूषण कम करने के लिए घर के भीतर पेड़-पौधों को जगह दीजिए। यह घर की हवा साफ करने के साथ-साथ घर की सुंदरता भी बढ़ाते हैं। एलोवेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी लाभदायक होते हैं।
घर में मौजूद प्रदूषित हवा को शुद्ध करने और घरेलू प्रदूषण कम करने के लिए घर के भीतर पेड़-पौधों को जगह दीजिए। यह घर की हवा साफ करने के साथ-साथ घर की सुंदरता भी बढ़ाते हैं। एलोवेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी लाभदायक होते हैं।