विशेषज्ञ से जानें: क्या धूम्रपान से कम हो जाता है कोविड वैक्सीन का असर?
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क्या धूम्रपान से कम हो जाता है वैक्सीन का प्रभाव
अमर उजाला से एक बातचीत के दौरान कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सिंह ओबेरॉय कहते हैं कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है। कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद ऐसे लोगों को कुछ महीनों तक बिल्कुल भी धूम्रपान नहीं करना चाहिए। डॉ अजीत कहते हैं कि सिगरेट से निकलने वाला टार वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में आपको कुछ दिनों तक किसी भी तरह के तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी धूम्रपान करने वालों को सचेत किया हैं। डब्ल्यूएचओ कहता है कि धूम्रपान करने वाले लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान से फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है और यह सांस संबंधी कई अन्य बीमारियों का भी कारण बन सकता है।
शराब के सेवन को लेकर क्या कहते हैं डॉक्टर
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद शराब का सेवन भी नहीं करना चाहिए। डॉ. अरविंदर सिंह सोइन कहते हैं कि टीका लेने के बाद दो हफ्ते तक शराब का सेवन बिल्कुल न करें। अल्कोहल टी-कोशिकाओं को प्रभावित कर देता है जिसके चलते लिवर में सूजन की समस्या आ सकती है। इसके अलावा अल्कोहल, वैक्सीन के प्रभाव को भी धीमा कर सकता है।
इस सवाल के जवाब में डॉ अजीत कहते हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद सामान्य तौर पर लोग निडर हो जाते हैं, आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा। वैक्सीन की पहली डोज के बाद शरीर में इसका ज्यादा असर नहीं होता है, दूसरी डोज के बाद ही वैक्सीन की प्रभाविकता 80 फीसदी से ऊपर की देखी गई है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी आपको सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। टीकाकरण के बाद आप तो सुरक्षित हो जाते हैं पर अगर सावधानियां नहीं बरतेंगे तो जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, आपसे उन्हें संक्रमण जरूर होने का खतरा रहता है।
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नोट: यह लेख एम्स में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सिंह ओबेरॉय से बातचीत और डॉ. अरविंदर सिंह सोइन के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।