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Sleep Disorder: अच्छी नींद में बाधक है ये गड़बड़ आदत, नींद की क्वालिटी में सुधार के लिए करें ये काम

Thu, 31 Aug 2023 09:05 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 31 Aug 2023 09:05 AM IST
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Does screen time reduce sleep quality, what to eat and drink for better sleep
नींद न आने की समस्या - फोटो : Istock

शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को ठीक रखने के लिए स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के साथ अच्छी नींद की भी आवश्यकताओं पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ जोर देते हैं। अच्छी नींद लेने से हार्मोन्स का संतुलन बेहतर बन रहता है साथ ही मस्तिष्क को आराम मिलता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि अगर आपकी एक रात भी नींद पूरी नहीं होती है तो इसके कारण शरीर पर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ये स्थिति आपमें थकान-कमजोरी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद की समस्या सभी उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ती हुई रिपोर्ट की जा रही है। इसके लिए दिनचर्या की कुछ गड़बड़ आदतों को जिम्मेदार माना जाता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि मोबाइल-लैपटॉप के बढ़ते इस्तेमाल और इससे निकलने वाली नीली रोशनी के कारण नींद की समस्या प्रभावित हो रही है। बच्चों में भी यह समस्या बढ़ती हुई देखी जा रही है।

आइए जानते हैं कि मोबाइल-लैपटॉप किस तरह से नींद की समस्याओं को बढ़ाने वाले हो सकते हैं और इसमें सुधार के लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए?

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स्क्रीन टाइम बढ़ने के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock

बढ़ा हुआ स्क्रीनटाइम और नींद की समस्या

कई अध्ययनों में इस बात को लेकर चिंता जताई जाती रही है कि जिस प्रकार से लोगों में मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल की आदत देखी जा रही है, ये न सिर्फ नींद की समस्या को बढ़ा रही है साथ ही इसके कारण वजन बढ़ने और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया शाम को दो या अधिक घंटे का स्क्रीन टाइम नींद के लिए आवश्यक मेलाटोनिन को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद करने की सलाह देते हैं।

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फैटी फिश सेहत के लिए लाभकारी - फोटो : Pixabay

अच्छी नींद चाहते हैं तो खाइए फैटी फिश

फैटी फिश कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जिनकी नियमित रूप से हमारे शरीर को आवश्यकता होती है।  शोध अध्ययन में पाया गया कि बेहतर नींद चाहते हैं तो आहार में फैटी फिश को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है। कई महीनों तक किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने प्रति सप्ताह तीन बार फैटी फिश खाई, उनकी नींद की गुणवत्ता में काफी सुधार देखा गया। 

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आहार में शामिल करें नट्स - फोटो : istock

नट्स भी हैं लाभकारी

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, नट्स सभी लोगों के लिए जरूरी हैं। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए नट्स का सेवन करना आपके लिए लाभकारी माना जाता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि बादाम और अखरोट जैसे नट्स को आहार में शामिल करके आप नींद से संबंधित समस्याओं के खतरे को भी कम कर सकते हैं। पिस्ता और काजू को नींद विकारों को दूर करने वाले लाभकारी नट्स में से एक माना जाता है। 

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फायदेमंद है हल्दी वाला दूध - फोटो : istock

हल्दी दूध भी फायदेमंद

शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद से संबंधित विकारों को दूर करने के लिए नियमित रूप से हल्दी वाले दूध का सेवन करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि हल्दी वाले दूध में शरीर को आराम देने वाले गुण होते हैं। इसकी एंटी-इंफ्लामेटरी गुण और तंत्रिका तंत्र को शांत करने की क्षमता शरीर को आराम देती है और अच्छा नींद प्राप्त करने में भी सहयक है।

सोने से पहले गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से नींद की समस्याओं को दूर करने में लाभ पाया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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