फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है ये नई बीमारी, जानें इसके बारे में सबकुछ

Sat, 26 Dec 2020 04:37 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Sat, 26 Dec 2020 04:37 PM IST
विज्ञापन
Disease x is more dangerous than coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस महामारी को अब तक की सबसे ज्यादा खतरनाक बीमारियों में से एक माना जाता है। इसने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है। ऐसे में कई देशों ने टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू करके इस वायरस को मात देने की ठानी है। ऐसे में सभी को उम्मीद है कि वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। लेकिन अगर सोचिए कि कोरोना वायरस से भी खतरनाक बीमारी आ जाए तो फिर क्या होगा? जी हां! वैज्ञानिक 'डिजीज x' की खोज कर रहे हैं, जो कि कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

Disease x is more dangerous than coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

दरअसल, हाल ही में अफ्रीका के कॉन्गो में एक मरीज में रक्तस्रावी बुखार (Hemorrhagic Fever) के लक्षण नजर आए। ऐसे में उस मरीज को आइसोलेट यानि अलग जगह पर रखा गया। साथ ही मरीज के सैंपल को इबोला टेस्ट के लिए भेज दिया गया। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मन में कई सवाल बड़ी ही तेजी से घूम रहे थे और वो ये कि क्या होगा अगर महिला को इबोला ना हो? कहीं महिला किसी नए वायरस से पैदा होने वाली डिजीज x की मरीज तो नहीं? इसी तरह के कई सवाल उनके दिमाग में घूम रहे थे।

Disease x is more dangerous than coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हालांकि, कॉन्गो की इस महिला का जो सैंपल इबोला टेस्ट के लिए दिया गया था, वो हाल ही में निगेटिव आ गया है। रिपोर्ट निगेटिव आना महिला के लिए अच्छी बात हो सकती है, लेकिन महिला को कौन सी बीमारी है ये बात आज भी डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है। वहीं, कॉन्गो में नए खतरनाक वायरस के फैलने का खतरा भी महसूस किया जा रहा है। कॉन्गो में रह रहे प्रोफेसर जीन जेसक्वीस मुयेम्बे टैम्फम का कहना है कि इंसानियत के ऊपर एक ऐसे वायरस का खतरा है, जो उनसे जानवरों में पहुंच सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Disease x is more dangerous than coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि 'डिजीज x' में 'x' अज्ञात है यानी एक ऐसी बीमारी जो आने वाले समय में विश्व में फैल सकती है। सीएनएन की एक रिपोर्ट की मानें तो कॉन्गो की मरीज के डॉक्टर डेडिन बोन्कोल का कहना है कि इस नई महामारी की बात काल्पनिक नहीं है। बल्कि वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर ये डर पैदा हुआ है। उनका ये भी कहा है कि हमें इबोला और कोरोना के बारे में नहीं पता था। इसलिए हमें नई बीमारी से डरना चाहिए।

विज्ञापन
Disease x is more dangerous than coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

प्रोफेसर जीन जेसक्वीस मुयेम्बे टैम्फम ने साल 1976 में इबोला वायरस की खोज में मदद की थी। उनका कहना है कि अफ्रीका के रेनफॉरेस्ट से नए और संभावित रूप से खतरनाक वायरस के फैलने का खतरा है। जब से उन्होंने इबोला की खोज में मदद की, तब से टैम्फम इस नए वायरस की खोज में लगे हुए हैं। प्रोफेसर टैम्फम ये भी कहते हैं कि हम सभी ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां नए वायरस आएंगे जिसके कारण इंसानियत पर खतरा भी बना रहेगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed