एसिडिटी, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्या है, जो काफी असहज करने वाली स्थिति हो सकती है। एसिडिटी के कारण पाचन स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की समस्याओं के होने का भी खतरा रहता है। इसमें आमतौर पर खाने के बाद सीने में जलन की समस्या, पेट में दर्द और ऐंठन होने लगती है।
Heart Health: एसिडिटी जैसे ये लक्षण कहीं हार्ट अटैक की तरफ इशारा तो नहीं? जानिए कैसे करें पहचान
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दोनों समस्याओं के लक्षण हो सकते हैं एक जैसे
शोधकर्ता बताते हैं, हार्ट अटैक भले ही हृदय रोगों के कारण होने वाली समस्या है, पर इसमें होने वाली कुछ दिक्कतें पाचन स्वास्थ्य में गड़बड़ी के कारण होने वाले लक्षणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। दोनों स्वास्थ्य समस्याओं में जो लक्षण सबसे कॉमन है वो है- बर्निंग सेंसेशन। अक्सर इस लक्षण को लेकर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। हालांकि यहां गौर करने वाली बात ये है कि एसिडिटी के कारण होने वाली हार्ट बर्न की समस्या कुछ समय में ठीक हो जाती है, जबकि हार्ट अटैक के कारण होने वाली ये दिक्कत जानलेवा दुष्प्रभावों वाली मानी जाती है।
कैसे करें इनमें अंतर?
सीने में जलन महसूस होने की समस्या चूंकि हार्ट अटैक और एसिडिटी दोनों में कॉमन है, ऐसे में इनमें अंतर करना और इसे समझना बहुत आवश्यक हो जाता है। एसिडिटी में आपको पेट के ऊपरी हिस्से में जलन के साथ मुंह में खट्टा स्वाद या असामान्य कड़वापन महसूस हो सकता है। यह पेट में अम्लता बढ़ने के कारण होती है और सामान्य एसिडिटी की दवा से ठीक भी हो जाती है।
वहीं दिल के दौरे में होने वाली सीने की समस्या छाती से गर्दन, जबड़े और पीठ तक फैलती है। दिल का दौरा पड़ने के अन्य लक्षणों में आपको सांस लेने में तकलीफ, ठंडा पसीना आने और चक्कर आने जैसी समस्या भी हो सकती है।
हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय रहते हार्ट अटैक के लक्षणों पर ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा लक्षणों के बीच अंतर करना और समय रहते समस्या का निदान किया जाना बहुत आवश्यक हो जाता है। अगर आपको पहले से हृदय रोगों की समस्या रही है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
ब्लड प्रेशर बढ़े रहने या फिर हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आपके हृदय के लिए दिक्कतों को बढ़ाने वाली हो सकती है जिसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाते रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।