राजधानी दिल्ली-एनसीआर में दीपावली से पहले से बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। दिल्ली में पिछले करीब सात दिनों से एयर क्वालिटी (एक्यूआई) खराब स्तर का बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार तीन नवंबर को सुबह छह बजे दिल्ली का AQI स्तर कई स्थानों पर 400 को पार कर गया, जिसे "बहुत खराब" श्रेणी वाला माना जाता है। दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 326 और पीएम 2.5 का स्तर 176 दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरह के प्रदूषण के स्तर को सेहत के लिए काफी गंभीर मानते हैं।
Delhi Air Pollution: बेहद 'खराब स्तर' की वायु गुणवत्ता इन तीन बीमारी वालों के लिए खतरनाक, ऐसे बरतें सावधानी
अगले 15-20 दिन बहुत महत्वपूर्ण
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सचिवालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। पर्यावरण मंत्री ने कहा एक नवंबर से अगले 15 से 20 दिन महत्वपूर्ण हैं। इस बीच दीपावली भी है। वैज्ञानिक कह रहे हैं कि तापमान गिर रहा है और हवा की गति कम हो गई है, इसलिए प्रदूषण के बढ़ने के खतरा हो सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह की वायु गुणवत्ता कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकती है। यदि आपको पहले से ही किसी प्रकार की क्रोनिक बीमारी है तो सेहत को लेकर विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।
श्वसन रोगी बरतें सावधानी
वायु प्रदूषण के कारण वैसे तो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, पर इसका सबसे गंभीर असर श्वसन स्वास्थ्य पर देखा जाता रहा है। वायु प्रदूषकों में सांस लेने से आपके वायुमार्ग में जलन हो सकती है इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ, खांसी, घरघराहट, अस्थमा के अटैक और सीने में दर्द का भी खतरा रहता है। वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में आने से आपको फेफड़ों के कैंसर, दिल के दौरे, स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याएं भी हो सकती हैं।
जिन लोगों को पहले से ही फेफड़ों से संबंधित कोई समस्या है उन्हें प्रदूषण से विशेष रूप से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।
डायबिटीज और हृदय रोगी भी रहें अलर्ट
फेफड़ों के अलावा वायु प्रदूषण उन लोगों के लिए भी गंभीर समस्याकारक है जिनको पहले से डायबिटीज या हृदय रोगों की समस्या रही है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि पीएम 2.5 प्रदूषण कण आपके रक्त प्रवाह में पहुंचकर इंफ्लामेशन के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है, जिससे डायबिटीज की जटिलताएं हो सकती हैं।
इसी तरह से वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण हार्ट अटैक और आर्टरी से संबंधित बीमारियों का जोखिम अधिक हो जाता है।
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों से कैसे बचें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण से सभी लोगों को बचाव के लिए उपाय करते रहने की आवश्यकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप बाहर हवा में ज्यादा समय न बिताएं। बाहर जाते समय मास्क पहनें और शरीर के हाइड्रेशन पर विशेष ध्यान दें। प्रदूषण के कारण अस्थमा के ट्रिगर होने का भी खतरा रहता है, इसलिए जरूरी कि आप समय पर दवाइयां और इनहेलर लेते रहें।
क्रोनिक बीमारियों के शिकार लोग, प्रदूषण के जोखिमों से बचे रहने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लेते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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