कोरोना, वैश्विक स्तर पर पिछले तीन साल से अधिक समय से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बना हुआ है, हालिया रिपोर्ट्स में दो नए वैरिएंट्स एरिस (EG.5) और BA.2.86 को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट कर रहे हैं। इन वैरिएंट्स में अतिरिक्त म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जो इसकी संक्रामकता दर और शरीर में बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को आसानी से चकमा देने में सफल हो रहे हैं।
Covid-19: दो नए वैरिएंट्स EG.5 और BA.2.86 का दुनियाभर में बढ़ता खतरा, जानिए कौन सा है सबसे खतरनाक
नए वैरिएंट्स को लेकर विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
नए वैरिएंट्स को लेकर किए गए प्रारंभिक अध्ययनों में वैज्ञानिक बताते हैं, इन वैरिएंट्स की प्रकृति को देखते हुए महामारी जैसा अब कोई खतरा नहीं है, लेकिन कोरोना को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। यूके, चीन, इजराइल, डेनमार्क और संयुक्त राज्य अमेरिका में इन वैरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैरिएंट की प्रकृति को देखते हुए BA.2.86 को 'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया है। इसका मतलब यह है कि इन वैरिएंट्स पर खास निगरानी रखी जा रही है।
अध्ययनर्ता कहते हैं, कोविड का नया वैरिएंट BA.2.86 एरिस से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
BA.2.86 की प्रकृति हो सकती है चिंताजनक
यूनाइटेड किंगडम में तेजी से बढ़ रहे एरिस के बाद, नया कोविड-19 वैरिएंट BA.2.86 भी दुनियाभर में फैल गया है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, यह SARS-CoV-2 के ओमिक्रॉन का ही नया उप-वैरिएंट है, इसकी पहचान सबसे पहले 2022 में डेनमार्क में हुई थी।
वैज्ञानिकों ने पाया कि इस वैरिएंट की एंटीजेनिक और स्पाइक संरचनाओं में बड़े पैमाने पर बदलाव नजर आ रहा है जो ACE2 रिसेप्टर्स के प्रति आकर्षण बढ़ा सकता है और सबसे गंभीर बात शरीर में वैक्सीनेशन और संक्रमण से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा दे सकता है।
नए वैरिएंट्स की संक्रामकता हो सकती है अधिक
सीडीसी विशेषज्ञ कहते हैं, नए वैरिएंट्स ओमिक्रॉन का ही प्रतिरूप हैं और ओमिक्रॉन के कारण गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम कम देखा जाता रहा है, ऐसे में इनसे गंभीर रोग का खतरा होने की आशंका भी कम है। हालांकि हमने दुनियाभर में एरिस के अधिक मामलों की पहचान की है, जिनमें संक्रमण की उच्च दर है। वहीं BA.2.86 के स्पाइक प्रोटीन में अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं, ऐसे में इससे संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि नए वैरिएंट्स की प्रकृति के बारे में अब भी अध्ययनों में समझने की कोशिश जारी है।
संक्रमण से बचाव के करते रहें उपाय
अमर उजाला से बातचीत में ग्रेटर नोएडा स्थित अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, देश में फिलहाल कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रित है, दैनिक स्तर पर औसत 50 नए लोगों में संक्रमण देखा जा रहा है। हालांकि हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोरोना वायरस लगातार म्यूटेट होकर नए वैरिएंट्स ला रहा है, जिसको ध्यान में रखते हुए बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना, भीड़-भाड़ वाले स्थानों में मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहना हमें अपने दिनचर्या का हिस्सा बना लेना चाहिए, ये कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा में मददगार हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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