दुनिया के कई देशों में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। चीन और यूके जैसे देशों में हालात बिगड़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने हालिया रिपोर्ट में सभी देशों को कोरोना से बचाव को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन देशों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) को संक्रमण में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण माना जा रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह वैरिएंट ओमिक्रॉन के मूल वैरिएंट से अधिक संक्रामक हो सकता है जिसको लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यह डेल्टा जितना घातक तो नहीं था, लेकिन अधिक संक्रामक होने के कारण दुनियाभर में इसके प्रसार की रफ्तार काफी तेज हो सकती है।
Covid-19: दुनियाभर में ज्यादातर स्टील्थ ओमिक्रॉन संक्रमितों में देखे जा रहे हैं ऐसे लक्षण, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
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अध्ययन में क्या पता चला?
दुनियाभर में एक बार फिर से बढ़ते संक्रमण का कारण बने स्टील्थ ओमिक्रॉन के लक्षणों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने एक लाख जोई कोविड एप उपयोगकर्ताओं के डेटा का अध्ययन किया। ऐप के अनुसार, यूके में कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके अलावा लोगों में नाक बहने की समस्या को सबसे सामान्य पाया गया है। यूके में करीब 80 फीसदी कोरोना संक्रमितों में यह लक्षण देखा जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट नाक को प्रभावित करता है।
संक्रमितों में बहती नाक की समस्या
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक कोरोना संक्रमितों में बहुत अधिक नाक बहने की समस्या देखी जा रही है। मेडिकल की भाषा में इस समस्या को राइनोरिया के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें नाक की ग्रंथियों से अत्यधिक स्राव होने लगती है। नाक या साइनस में संक्रमण के कारण यह समस्या अधिक होती है। कोरोना को लेकर हुए कई अध्ययनों में वायरस के नाक की ग्रंथियों को प्रभावित करने वाले संकेतों के बारे में पता चलता है।
ओमिक्रॉन के लक्षणों के बारे में जानिए
शोधकर्ताओं का कहना है कि संक्रमितों को नाक बहने के अलावा ओमिक्रॉन से संबंधित कई और लक्षणों का भी अनुभव हो सकता है। इस बारे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ओमिक्रॉन संक्रमितों के कारण गले में खरोंच जैसी समस्या, सिरदर्द, लगातार खांसी आने, गला बैठने, रात को पसीना आने और ठंड लगने के अलावा थकान और शरीर-जोड़ों का दर्द की भी दिक्कत हो सकती है।
क्या है विशेषज्ञ की सलाह?
अमर उजाला से बातचीत में कोविड मामलों के विशेषज्ञ और इंटेंसिव केयर यूनिट के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सौरभ अवस्थी कहते हैं, जिस तरह से दुनिया के कई देशों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, ऐसे में भारत में भी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की आश्यकता है। कोरोना से बचाव के उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए जिससे संक्रमण के जोखिम और प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिल सके। वैक्सीनेशन सबसे बड़ा हथियार है, सभी लोगों को जल्द से जल्द टीके की दोनों खुराक ले लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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