कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से दुनिया के तमाम देश प्रभावित हैं। भारत समेत कई देशों में ओमिक्राॅन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। भारत में तो ओमिक्राॅन के मामले 200 का आंकडा पार कर चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस वैरिएंट से बचाव करते रहना सभी के लिए आवश्यक है क्योंकि वैरिएंट की प्रकृति काफी चिंतित करने वाली है। ब्रिटेन में तो ओमिक्राॅन के बढ़ते मामलों के कारण एक बार फिर लाॅकडाउन जैसे हालात बनने लगे हैं। ओमिक्रॉन से बचाव के लिए वैज्ञानिक कई स्तरों पर अध्ययन कर रहे हैं।
Omicron Variant: कोविड वैक्सीन के असर को लेकर वैज्ञानिकों का बड़ा दावा, इस बात को लेकर जताई चिंता
अप्रत्याशित है कोरोना
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक डॉ एंथनी फौसी कहते हैं, कोरोना से दुनिया को कब तक छुटकारा मिल पाएगा फिलहाल इस बारे में कहना थोड़ा कठिन लग रहा है। पिछले दो साल में जिस तरह के हालात देखने को मिले हैं उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोरोना वास्तव में बहुत अप्रत्याशित है। वैक्सीनों को फिलहाल सुरक्षात्मक माना जा रहा है, हालांकि देश में अब भी बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण होना बाकी है।
वैक्सीन की प्रभाविकता को लेकर अध्ययन
वैक्सीनेशन को लेकर अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की एक टीम में बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनियाभर में प्रयोग में लाए जा रहे कोविड-19 के ज्यादातर टीके फिलहाल ओमिक्रॉन पर असरदार नहीं देखे जा रहे हैं। वैक्सीन, कोरोना के गंभीर संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा तो दे सकती हैं हालांकि यह संक्रमण से सुरक्षित रखने में कितनी कारगर हो सकती हैं, इसपर अब भी प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है।
फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन अपेक्षाकृत प्रभावी
शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक के अध्ययनों में सिर्फ फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन शॉट्स को ज्यादा असरदार देखा गया है, हालांकि बड़ी बात यह है कि यह वैक्सीन हर जगह उपलब्ध नहीं हैं। वहीं एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन और अन्य टीकों को ओमिक्रॉन के प्रसार को रोकने में बहुत कारगर नहीं पाया गया है। हालांकि यह प्रारंभिक अध्ययन की रिपोर्ट है, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए शोध जारी है।
नेजल वैक्सीन हो सकता है असरदार विकल्प
ओमिक्रॉन से सुरक्षा के लिए अध्ययन में शोधकर्ताओं की एक टीम में नेजल वैक्सीन को ज्यादा असरदार पाया है। साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि नेजल वैक्सीन के माध्यम से शरीर में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है। चूहों पर किए गए अध्ययन में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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