कोरोना महामारी वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है। दो साल बीत जाने के बाद भी विशेषज्ञ अब भी यह कहने की स्पष्ट स्थिति में नहीं है कि महामारी खत्म कब तक होगी? देश में पिछले 10 दिनों से बढ़ते संक्रमण के मामले और भी डराने वाले हैं। पिछले 6 दिनों के डेटा को देखे तो रोजाना संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है।
Covid Outbreak: मुंबई में 1000% तक बढ़े केस, संक्रमण का कारण बन रहे वैरिएंट्स 'बेहद संक्रामक', जानिए इनके बारे में विस्तार से
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मुंबई में 1000% बढ़े केस, पश्चिम बंगाल में भी बिगड़े हालात
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत का बात यह है कि ज्यादातर मामले कुछ ही स्थानों पर सीमित हैं, ऐसे में अन्य दूसरे जिलों को खतरे के देखते हुए विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। देश के कई राज्यों में हालात काफी तेजी से बिगड़ते हुए देखे जा रहे हैं।
17 मई के बाद से मुंबई में दैनिक मामलों में 1,000 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की हई है। 17 मई को जहां राज्य में कोरोना के 158 मामले देखे गए थे, वहीं 11 जून को यहां 1745 लोग संक्रमित पाए गए। पश्चिम बंगाल में भी पिछले दिन के मुकाबले 11 जून को दैनिक मामलों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स ने बढ़ाई चिंता
हालिया रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों ने बताया कि देश में बढ़ते कोरोना के केस में ज्यादातर लोगों को ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स से संक्रमित पाया जा रहा है। भारत में अब तक ओमिक्रॉन के BA.2 सब-वैरिएंट के मामले देखे जा रहे थे, हालांकि पिछले 10 दिनों में संक्रमण के शिकार पाए जा रहे लोगों में BA.4 और BA.5 सब-वैरिएंट्स के केस भी देखने को मिल रहे हैं। अध्ययनों में ओमिक्रॉन के इन सब-वैरिएंट्स की संक्रामकता दर काफी अधिक बताई जा रही है।
BA.4 और BA.5 सब-वैरिएंट्स के बारे में जानिए
ओमिक्रॉन के ये दोनों सब-वैरिएंट्स BA.4 और BA.5 को विशेषज्ञ तेजी से फैलने वाला बताते हैं। भारत से पहले कोरोना के इन दो सब-वैरिएंट्स के मामले दक्षिण अफ्रीका और कुछ यूरोपीय देशों में भी रिपोर्ट किए गए हैं। इन वैरिएंट्स के कारण इन देशों में संक्रमण के मामले में भारी उछाल देखा गया था।
कोविड को लेकर डब्ल्यूएचओ के तकनीकी नेतृत्व, मारिया वान केरखोव ने एक रिपोर्ट में बताया कि BA.4 और BA.5 सब-वैरिएंट्स में ओमिक्रॉन के मूल रूप की तुलना में कुछ म्यूटेशन हैं जो इसकी संक्रामकता दर को काफी बढ़ा देते हैं। इसके अलावा इसमें देखे गए म्यूटेशन इन वैरिएंट्स को वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने की क्षमता प्रदान करते हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि ये वैरिएंट्स शरीर में निर्मित प्रतिरक्षा को मात देने में भी कामयाब हो सकते हैं, ऐसे में जिनका टीकाकरण हो चुका है, खतरा उनमें भी बना हुआ है। ऐसे में सभी लोगों को कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए। कुछ अध्ययनों में नए वैरिएंट्स के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए बूस्टर शॉट देने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल दो डोज वाली वैक्सीन आपको संक्रमण के गंभीर मामले और वेंटिलेटर पर जाने से बचाने में कारगर पाई गई है।
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स्रोत और संदर्भ
Epidemiological update: SARS-CoV-2 Omicron sub-lineages BA.4 and BA.5
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