भारत में कोरोना संक्रमण के मामले पिछले डेढ़ महीने में तेजी से बढ़ते हुए देखे गए। 31 दिसंबर, 2023 को एक दिन में सबसे अधिक 841 नए मामले सामने आए थे, इसके बाद संक्रमण में ज्यादा उछाल नहीं देखा जा रहा है। कुल सक्रिय मामलों में से अधिकांश (लगभग 92 प्रतिशत) सेल्फ आइसोलेशन और सामान्य उपचार से ठीक हो रहे हैं।
JN.1 Variant: देश में कितने हैं संक्रमण के केस, कौन सा राज्य अब भी सबसे ज्यादा प्रभावित? यहां जानिए सबकुछ
किन राज्यों में JN.1 सबसे ज्यादा प्रभावी
गुरुवार को इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) द्वारा साझा की गई जानकारियों के अनुसार, देश में अब कोविड-19 सब-वेरिएंट JN.1 के कुल मामले 1,226 हैं। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अब तक के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ये वैरिएंट 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में देखा जा चुका है। कर्नाटक में JN.1 सब-वेरिएंट के 234 मामले पाए गए हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश (189), महाराष्ट्र (170), केरल (156), पश्चिम बंगाल (96), गोवा (90), तमिलनाडु (88) और गुजरात (76) हैं।
संक्रमण के मामलों पर निगरानी रखने की सलाह
देश के कई राज्यों में ये वैरिएंट बढ़ा जरूर है पर स्थिति नियंत्रित है। पीटीआई द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में नए वैरिएंट के 37 मामले, तेलंगाना में 32, छत्तीसगढ़ में 25, दिल्ली में 16, उत्तर प्रदेश में 7, हरियाणा में पांच, ओडिशा में तीन और उत्तराखंड और नागालैंड में एक-एक मामला दर्ज किया गया।
देश में कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निरंतर संक्रमण पर निगरानी बनाए रखने को कहा है। राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई कोविड-19 के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों का लगातार पालन करते रहें।
दिल्ली-एनसीआर में कैसी ही स्थिति?
दिल्ली में कोरोना की स्थिति के बारे में जानने के लिए हमने एक निजी अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के डॉक्टर एम.आर.सैफ से बातचीत की। डॉक्टर कहते हैं, यहां कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रित है। JN.1 वैरिएंट को दिल्ली-एनसीआर में ज्यादा बढ़ते नहीं देखा गया है। जिन रोगियों में संक्रमण की पुष्टि हुई भी थी, वह सेल्फ आइसोलेशन और सामान्य उपचार के माध्यम से आसानी से ठीक हो गए हैं।
हमारे अस्पताल में फिलहाल संक्रमण का कोई भी केस नहीं है। एक मरीज को दिसंबर में भर्ती किया गया था, हालांकि वह अब पूरी तरह से ठीक हो चुका है।
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?
डॉक्टर कहते हैं, कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव लगातार देखा जा रहा है। नए वैरिएंट्स भी सामने आ रहे हैं, इससे स्पष्ट होता है कि वायरस हमारे वातावरण में है और मौका मिलते ही बढ़ना शुरू कर देता है। देश में पिछले 4-5 दिनों से दैनिक संक्रमण के मामले कम हुए हैं। हमें लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता का हमेशा ध्यान रखें। ये कोरोना के साथ आपको कई और प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचाकर रखने में मददगार है। जिस तरह से कई देशों में नए वैरिएंट के कारण संक्रमण बढ़ा है, हमें हमेशा अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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