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कोरोना के साइड इफेक्ट: कोविड 19 से ठीक हुए लोगो को लंबे समय तक हो सकती हैं ये तकलीफें

Tue, 02 Jun 2020 09:16 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Tue, 02 Jun 2020 09:16 AM IST
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Covid 19 Recovery Rate countrywise: Coronavirus patients can suffer extreme tiredness and shortness of breath for months
कोरोना वायरस के कारण ब्रिटेन में हालात खराब हैं(File Photo) - फोटो : PTI

कोरोना वायरस का संक्रमण देश-दुनिया में बढ़ता जा रहा है। राहत की बात यह है कि देश में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी ज्यादा है। कोरोना मरीजों की रिकवरी रेट पहले की अपेक्षा बढ़ी है यानी अब कम समय में कोरोना के मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं। हालांकि ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य एजेंसी नेशनल हेल्थ सर्विस(NHS) ने चेताया है कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों में मरीजों में कई महीनों तक सांस लेने में तकलीफ और थकान जैसी समस्याएं बनी रह सकती है। हालांकि ये समस्याएं आखिर कितने समय तक बनी रह सकती है, इसको लेकर और ज्यादा रिसर्च की जरूरत है। 

Covid 19 Recovery Rate countrywise: Coronavirus patients can suffer extreme tiredness and shortness of breath for months
कोरोना वायरस का दुष्प्रभाव बना रहेगा - फोटो : PTI

शरीर पर बना रहेगा बुरा असर

  • ब्रिटेन की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य एजेंसी नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) ने कोरोना मरीजों के लिए जारी यह अलर्ट जारी किया है। एनएचएस के वैज्ञानिकों के मुूताबिक, कोरोना वायरस का असर शरीर पर लंबे समय तक रह सकता है। कोविड 19 से उबरने के बाद मरीजों के शरीर पर इसका दुष्प्रभाव कब तक बना रहेगा, इसको लेकर अग्रेतर रिसर्च की जा रही है। 
Covid 19 Recovery Rate countrywise: Coronavirus patients can suffer extreme tiredness and shortness of breath for months
सामान्य जीवन में वापस लौटना मुश्किल होगा - फोटो : Social Media
सामान्य जीवन में लौटना चुनौतीपूर्ण
  • एनएचएस के वैज्ञानिकों ने बीते महीने कोरोना के गंभीर लक्षणों पर चर्चा की थी, जिसमें स्ट्रोक, किडनी डिसीज और अंगों की घटती कार्यक्षमता पर भी बैठक हुई थी। वैज्ञानिकों का कहना था कि कोविड 19 से उबरने वाले मरीजों में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा होगी, जिनके लिए सामान्य जीवन में वापस लौटना मुश्किल होगा। 
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कोरोना वायरस का संक्रमण काल - फोटो : PTI
  • कोरोना पीड़ितों के लिए खासतौर पर बनाए गए एनएचएस अस्पताल में पिछले हफ्ते ऐसे मरीज रिकवर हुए जो इलाज के बाद लंबे समय से कोरोना का बुरा प्रभाव झेल रहे थे। एनएचएस के मुताबिक, कोरोना से उबरने वाले मरीजों के लिए ब्रिटेन में ऐसा मॉडल अपनाया जाएगा जिससे कि उनका मानसिक असंतुलन, सांस लेने में तकलीफ और हृदय रोगों जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद की जा सके।
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Covid 19 Recovery Rate countrywise: Coronavirus patients can suffer extreme tiredness and shortness of breath for months
कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर परिणाम भी दिख रहे हैं - फोटो : PTI
  • एनएचएस ने पिछले हफ्ते कहा था कि जिन लोगों के शरीर में किसी तरह के डैमेज या अंगों को नुकसान हुआ है, उनकी रिकवरी में संस्था मदद करेगी। एनएचएस के चीफ एग्जीक्यूटिव सिमोन स्टीवेंस का कहना है, देश महामारी के बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे में इससे उबरने के बाद सामने आने वाले परिणामों से बचाव के तरीके ढूंढने होंगे। 
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