भारत में कोरोना के संक्रमण का आंकड़ा 99 लाख से ऊपर हो चुका है। हालांकि देश में कोविड से ठीक होने की दर भी 95 फीसदी से ऊपर हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक कुल 94 लाख 22 हजार संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं। इस समय देश में तीन लाख 39 हजार से अधिक सक्रिय मामले हैं। अब कोरोना को पूरी तरह खत्म करने के लिए वैक्सीन ही एकमात्र सहारा है। केंद्र सरकार ने तो देश में व्यापक टीकाकरण अभियान के लिए दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की योजना बना रहा है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
Coronavirus: शरीर में दर्द है तो क्या कोरोना हो सकता है? विशेषज्ञ से जानें इसके बारे में सबकुछ
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क्या कोरोना की वैक्सीन के साइड-इफेक्ट होंगे?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. मधुर यादव बताते हैं, 'हर वैक्सीन के अपने साइड-इफेक्ट होते हैं, इसके भी हो सकते हैं। जैसे, एलर्जी होना, हल्का बुखार आना, दर्द थोड़े समय के लिए हो गया, आदि। ऐसा आमतौर पर होता ही है। इसमें आने वाला बुखार पैरासिटामोल टैबलेट से ठीक हो जाता है।'
क्या भारत में कुछ ही हफ्तों में वैक्सीनेशन का काम शुरू हो जाएगा?
- डॉ. मधुर यादव कहते हैं, 'जी हां, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि जैसे ही हमारे वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलती है, वैसे ही हमारे देश में टीकाकरण शुरू हो जाएगा। अमेरिका में टीकाकरण शुरू भी हो गया। भारत में जब तक वैक्सीन को लेकर पूरी तसल्ली नहीं हो जाएगी, तब तक हरी झंडी नहीं दी जाएगी, ताकि लोगों में वैक्सीन के प्रति नकरात्मक भावनाएं उत्पन्न नहीं हों। जैसे कि वो सुरक्षित है या नहीं, लगवाने से कुछ हो तो नहीं जाएगा, आदि।'
क्या कोरोना की वैक्सीन के लिए बूस्टर डोज की भी जरूरत पड़ेगी?
- डॉ. मधुर यादव बताते हैं, 'अभी जो वैक्सीन आने वाली हैं, उनकी पहली डोज के चार हफ्ते के बाद दूसरी डोज देनी होगी। दो डोज लेने के बाद इम्यूनिटी विकसित हो जाएगी। अभी यह कह पाना बहुत मुश्किल है कि यह इम्यूनिटी कितने दिन तक रहेगी। हालांकि एक बात पक्की है कि वैक्सीन लगाने के बाद भी सभी को सावधानी रखनी होगी। हालांकि वो अच्छा भी है, कोरोना के अलावा भी कई संक्रमण जो ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलते हैं, वो रुकेंगे।'
शरीर में दर्द है तो क्या कोरोना हो सकता है?
डॉ. मधुर यादव बताते हैं, 'अगर केवल शरीर में दर्द है, तो कोरोना नहीं होगा, कई अन्य कारणों से भी शरीर में दर्द होता है। लेकिन अगर दर्द के साथ हल्का या तेज बुखार भी है, तो तुरंत जांच कराएं। हो सकता है साधारण वायरल फीवर हो, लेकिन जांच में तस्वीर साफ हो जाने से बाकी लोग सुरक्षित रहेंगे। अब तो सरकार ने हर जगह कोविड जांच केंद्र स्थापित कर दिए हैं।'