रविवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन सीमित इस्तेमाल की इजाजत दे दी। भारत बायोटेक की वैक्सीन का नाम कोवैक्सिन है और यह कोविड-19 के लिए देश की पहली स्वेदशी वैक्सीन है। लेकिन, डीजीसीआई के इन्हें इस्तेमाल करने का अप्रूवल दिए जाने के बाद ही इस फैसले पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए। कांग्रेस समेत एक तबके ने इस वैक्सीन के प्रभावी होने पर सवाल उठाए और पूछा कि जब इसके तीसरे चरण के ट्रायल्स अभी पूरे नहीं हुए हैं फिर भी इनके इस्तेमाल की इजाजत कैसे दी जा सकती है? दो जनवरी को सरकार ने पूरे देश में कोरोना वैक्सीन लगाने का ड्राई रन दोबारा चलाया। इसमें वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। हालांकि, इस सबके बावजूद कोरोना वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के मन में हैं। यहां हम ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं-
{"_id":"5ff33bcab1c65b06bd26fe17","slug":"coronavirus-vaccine-in-india-covid-19-vaccine-coronavirus-vaccine-question-answer-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus vaccine: भारत में कोरोना वैक्सीन कब उपलब्ध होगी, क्या सभी को टीका लगवाना पड़ेगा? जानिए ऐसे ही 23 सवालों के जवाब","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus vaccine: भारत में कोरोना वैक्सीन कब उपलब्ध होगी, क्या सभी को टीका लगवाना पड़ेगा? जानिए ऐसे ही 23 सवालों के जवाब
Tue, 05 Jan 2021 12:29 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 05 Jan 2021 12:29 AM IST
विज्ञापन
भारत में कोरोना वैक्सीन
- फोटो : Pixabay/Amarujala
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
कोरोना वैक्सीन कब उपलब्ध हो सकती है?
- इस बारे में सटीक रूप से बताना मुश्किल है, लेकिन इस तरह के अनुमान हैं कि अगले 15 दिन में वैक्सीन को लगाना शुरू किया जा सकता है। वैक्सीन लगाने का काम चरणबद्ध तरीके से होगा। मैक्स हेल्थकेयर के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संदीप बुद्धिराजा कहते हैं, 'जिस तरह की चर्चाएं हैं उसके लग रहा है कि जनवरी में वैक्सीन लगनी शुरू जाएगी।'
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
क्या सभी को इस वैक्सीन को लगवाना पड़ेगा?
- पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमार कहती हैं कि आदर्श स्थिति यही है कि बच्चों को छोड़कर सभी को यह वैक्सीन लगनी चाहिए। वे कहती हैं, 'इन वैक्सीन्स का ट्रायल 18 साल से कम उम्र के लोगों पर नहीं हुआ था।'
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
किन्हें सबसे पहले यह वैक्सीन दी जाएगी?
- वैक्सीन लगाने का काम चरणबद्ध तरीके से होगा। प्राथमिकता वाले ग्रुप को सबसे पहले यह वैक्सीन लगाई जाएगी। डॉ. कुमार कहती हैं, 'म्यूनिसिपल और दूसरे प्रशासनिक लोग, डॉक्टर्स और चिकित्सा से जुड़े लोग जो कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में फ्रंटलाइन पर काम कर रहे हैं, उन्हें सबसे पहले यह वैक्सीन लगाई जाएगी। 50 साल से ऊपर के और दूसरी बीमारियों से ग्रस्त लोग भी इसी ग्रुप में आएंगे और उन्हें भी शुरुआती चरण में ही वैक्सीन लगाने की कोशिश की जाएगी।'
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
50 साल से कम के मगर दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोग भी क्या प्राथमिकता वाले ग्रुप में आएंगे?
- डॉ. कुमार के मुताबिक, ये लोग प्राथमिकता वाले ग्रुप में नहीं आएंगे, क्योंकि ये डिमांड और सप्लाई का मामला है। जितनी वैक्सीन आएंगी उन्हें सबसे पहले कोविड-19 के मरीजों की देखभाल और इलाज के काम में सीधे तौर पर लगे हुए लोगों को दिया जाएगा। जितने ज्यादा लोगों तक वैक्सीन पहुंच जाएगी उतनी ही जल्दी हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाएगी। डॉ. प्रीति कुमार कहती हैं कि ऐसा पाया गया है कि तकरीबन 70 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग जाने पर हर्ड इम्यूनिटी पैदा हो जाती है।