भारत में टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 39 लाख 50 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इस साल अप्रैल महीने तक दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स और एक करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स का टीकाकरण करने की सरकार की योजना है। कहा जा रहा है कि जल्द ही देश में और कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो सकती हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार को उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक दो और वैक्सीन आ जाएंगी। फिलहाल यहां सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड' और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' का इस्तेमाल हो रहा है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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Coronavirus Vaccine: बुजुर्गों को कोरोना का टीका कब लगाया जाएगा, कैसे पता चलेगा? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
Tue, 02 Feb 2021 09:21 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 02 Feb 2021 09:21 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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बुजुर्गों को कब टीका लगाया जाएगा, कैसे पता चलेगा?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. प्रसून चटर्जी बताते हैं, 'फ्रंटलाइन वर्कर को वैक्सीन देने के बाद ही बुजुर्गों का नंबर आएगा। वैक्सीन देने की जो प्रक्रिया है, वह एक नियोजित तरीके से किया गया है, सबका डेटा मौजूद है। इसके लिए व्यक्ति के पास फोन जाएगा तो जाकर वैक्सीन लगवाएं। गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली मां, ब्लड थिनर वाले या जिन लोगों को एलर्जी आदि है, उन्हें वैक्सीन लगाने के लिए मना किया गया है। लेकिन जिन्हें नहीं है या जो बुजुर्ग हैं, उन्हें जरूर लेना चाहिए, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कम होती है।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन लगवाने के बाद क्या बाहर जा सकते हैं?
- डॉ. प्रसून चटर्जी कहते हैं, 'बिल्कुल, वैक्सीन लगवाने के बाद आराम से अपनी दिनचर्या करें। लेकिन ऐसा नहीं कि मास्क पहनना और सुरक्षित दूरी को भूल जाएं, बल्कि जब तक सभी वैक्सीनेट नहीं हो जाते हैं या हर्ड इम्यूनिटी नहीं आ जाती है, तब तक लापरवाही नहीं करना है। हाथ धुलना, दूरी और मास्क बहुत जरूरी है। मैं खुद वैक्सीन लगवाने के बाद भी अस्पताल प्रतिदिन जा रहा हूं, लेकिन नियमों का पालन करते हुए।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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डॉक्टर साहब आपने कोवैक्सीन लगवाई है, क्या कुछ अनुभव रहा?
- डॉ. प्रसून चटर्जी कहते हैं, 'दोनों वैक्सीन भारत में बनी हैं और स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जा रही हैं। मैंने खुद 28 तारीख को कोवैक्सीन लगवाई है और पूरी तरह से स्वस्थ हूं। कई लोगों में वैक्सीन को लेकर कुछ भ्रांतियां आ गई हैं, लेकिन बिना लगवाए लोग कैसे आकलन कर रहे हैं, ये समझ से बाहर है, क्योंकि सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को दोनों ही वैक्सीन लगाई जा रही हैं। इसलिए ये वैक्सीन स्वदेश में बनी है और सुरक्षित है।'
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वैक्सीन लगने के बाद कोरोना से बचने की संभावना ज्यादा है?
- डॉ. प्रसून चटर्जी कहते हैं, 'सबसे पहली बात कि वैक्सीन लेने से ये बीमारी नहीं होगी, क्योंकि अगर शरीर 30 प्रतिशत तक साथ देता है और वैक्सीन 70 प्रतिशत सुरक्षा देती है तो आप 100 प्रतिशत सुरक्षित हैं। दूसरी बात, दुनिया में कोई भी ऐसी वैक्सीन नहीं है चाहे पोलियो या निमोनिया की वैक्सीन हो, 100 प्रतिशत बीमारी से सुरक्षा की गारंटी नहीं देते हैं। लेकिन अगर वैक्सीन लेने के बाद किसी को कोरोना संक्रमण होता भी है तो वो गंभीर नहीं होगा। वैज्ञानिकों की एक बड़ी टीम ने मिल कर इसपर काम किया है, किसी भी वैक्सीन में शॉर्टकट नहीं अपनाया जाता है।'