देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। हालांकि पिछले दो दिनों से संक्रमण के मामले बढ़ ही रहे हैं। ऐसे में महामारी की तीसरी लहर का खतरा भी मंडराने लगा है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि तीसरी लहर से बचने के लिए टीकाकरण को रामबाण समझते हुए राज्य सरकार वैक्सीन की पहली खुराक सभी लोगों को देने को प्राथमिकता देगी। टीकाकरण अभियान की अगर बात करें तो देश में अब तक 61 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। कोरोना से बचाव के लिए यह जरूरी भी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि वैक्सीन भले ही आपको संक्रमण से न बचा पाए, लेकिन गंभीर स्थिति में पहुंचने से जरूर बचा सकती है। वैसे अभी तक तो वैक्सीन की सिर्फ दो खुराक ही दी जा रही है, लेकिन आने वाले समय में हो सकता है कि लोगों को तीसरी डोज भी दी जाए। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ से जानें: क्या वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद कोई और डोज भी लगेगी?
Fri, 27 Aug 2021 05:36 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 27 Aug 2021 05:36 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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देश के अलग अलग हिस्सों में कोविड के केस कम-ज्यादा हैं, आप इसे किस तरह देखते हैं?
- भोपाल स्थित एम्स के निदेशक डॉ. सरमन सिंह कहते हैं, 'जिस तरह से हम देख रहे हैं कि कुछ राज्य जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली, इनमें केस बहुत कम आ रहे हैं। लेकिन दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में केस बढ़ रहे हैं या कम नहीं हो रहे हैं। केरल एक ऐसा राज्य है, जो हम सबके लिए एक बड़ी पहेली बना हुआ है। नए वैरिएंट से महाराष्ट्र, मुंबई में भी केस बढ़ रहे हैं। ये सभी के लिए चिंता का विषय है। कई बार ऐसा होता है कि लोग एकदम सावधानी छोड़ देते हैं। वे सोचते हैं कि मेरे इलाके में कोरोना नहीं है, तो मैं निश्चिंत हो जाता हूं। लेकिन ऐसा नहीं सोचना चाहिए। ये वायरस बहुत संक्रामक है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक ने कहा है कि कोविड को लेकर अगले कुछ महीने भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं, इस पर क्या कहेंगे?
- डॉ. सरमन सिंह कहते हैं, 'जी, यह बिल्कुल सत्य है। हम लोगों को समझना होगा कि हमें हर तरीके से कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना होगा। लोग अक्सर इसे भूल जाते हैं, मास्क भी लगाना लोगों ने कम कर दिया है। दूसरे देशों का उदाहरण देखें तो वहां अलग-अलग वेव आ रही हैं। उनमें हम देखते हैं कि केस एकदम कम हो जाते हैं और फिर दोबारा से बढ़ना शुरू हो जाते हैं। ये तब तक होता रहेगा, जब तक हम वैक्सीनेट नहीं हो जाते। हमें खुद अपना ख्याल रखना पड़ेगा, हमें अपना कर्तव्य निभाना पड़ेगा। इससे बचने के लिए मास्क लगाए रखें, भीड़ में शामिल न हों, हाथ जरूर धोएं और सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करें।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या डेल्टा प्लस वैरिएंट की मल्टीप्लाई करने की क्षमता दूसरे वैरिएंट से ज्यादा होती है?
- डॉ. सरमन सिंह कहते हैं, 'ये बात सही है कि पहले जब डेल्टा प्लस वैरिएंट डिटेक्ट हुआ था, तो हम सभी लोग काफी चिंतित थे। लेकिन अभी के डाटा के अनुसार, संक्रमण उतना स्पीड से नहीं हो रहा है, जितना डेल्टा में हुआ था। लेकिन अभी लापरवाही नहीं करनी है, क्योंकि कभी भी कोई भी नया कोरोना वैरिएंट आ सकता है।'
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क्या दूसरी डोज के बाद कोई और डोज भी लगेगी?
- डॉ. सरमन सिंह कहते हैं, 'अमेरिका के एक डाटा के अनुसार, आठ महीने के बाद एंटीबॉडीज कम हो जाती हैं। इसीलिए वहां बूस्टर डोज का ट्रायल चल रहा है। लेकिन, दूसरी तरफ कुछ शोध में ये भी पता चला है कि दो डोज के बाद बेशक एंटीबॉडीज कम हो जाती हैं, लेकिन उनमें मेमोरी सेल होती हैं, जो दोबारा संक्रमण होने पर फिर से एंटीबॉडीज बना देती हैं। अभी भारत सरकार का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है कि तीसरी डोज दी जाएगी या नहीं। इसपर अभी अध्ययन चल रहे हैं।'