कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक चार करोड़ 50 लाख 65 हजार से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में चार लाख 62 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। इस दौरान देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर भी 95.75 फीसदी हो गई है। एक करोड़ 11 लाख से अधिक मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। फिलहाल देश में तीन लाख 34 हजार से अधिक कोरोना के सक्रिय मामले हैं, जो कुल संक्रमितों का 2.87 फीसदी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब...
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अगर वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक के बीच किसी को कोरोना हो जाता है तो क्या करें? विशेषज्ञ से जानें
Mon, 22 Mar 2021 02:44 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 22 Mar 2021 02:44 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : Pixabay
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
हमें कब तक न्यू नॉर्मल में रहना है?
- डॉ. राजेंद्र के. धमीजा कहते हैं, 'जब तक पूरी जनसंख्या सुरक्षित न हो जाए, तब तक न्यू नॉर्मल में रहना है। जिस तरह से सीरो सर्वे बताते हैं कि काफी लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और उनमें एंटीबॉडी आ चुकी है। लेकिन जरूरी नहीं है कि वो हमेशा के लिए सुरक्षित हैं, क्योंकि एंटीबॉडी 7-8 महीने के लिए रहती है। ऐसे में जिन लोगों को पिछले साल की शुरुआत में कोरोना हुआ था, उनमें एंटीबॉडी अब कम हो गए होंगे। उन्हें एहतियात से रहना है। इसलिए ये कहना उचित है कि न्यू नॉर्मल इस साल तक तो जारी रहेगा या अगले साल कुछ महीनों तक भी ऐसे ही रहना है। एक तरह से जब हर्ड इम्यूनिटी आ जाएगी, तब कुछ खतरा कम हो सकता है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या लोगों के मन में एक झूठा विश्वास पैदा हो गया है कि अब उन्हें कोरोना से कुछ नहीं होगा?
- डॉ. राजेंद्र के. धमीजा कहते हैं, 'जी हां, जिस तरह से पूरा साल हमने देखा है कि एक समय कोरोना के 90 हजार केस थे तो एक दूसरे समय 10 हजार से भी कम पर पहुंच गए। सितंबर में कोरोना केस पीक (चरम) पर थे, लेकिन 2021 फरवरी में 10 हजार के करीब केस पूरे देश में आए तो लोगों को लगने लगा कि कोरोना अब जा रहा है। अब जिस तरह से केस बढ़ने लगे हैं, दिखाता है कि लोग लापरवाह हो गए हैं। इसलिए स्थिति न बिगड़े और पुरानी स्थिति वापस न आए, उससे पहले ही सतर्क हो जाएं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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अगर पहली और दूसरी खुराक के बीच किसी को कोरोना हो जाता है तो क्या करें?
- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र के. धमीजा कहते हैं, 'जी हां, बिल्कुल हो सकता है। जैसे ही वैक्सीन की पहली खुराक दी जाती है तो उसका इम्यूनोजेनिक रिस्पॉन्स (प्रतिरक्षात्मक प्रतिक्रिया) आने में वक्त लगता है। इस दौरान अगर कोई कोविड एप्रोपियेट बिहेवियर (कोरोना से बचने के उपाय) नहीं अपनाता है तो कोविड होने के उतने ही चांस हैं, जितने सामान्य लोगों को हैं। इसलिए वैक्सीन के शुरुआती दिन से लेकर दोनों डोज लगवाने के बाद कम से कम दो हफ्ते तक वैसे ही रहना है जैसे अभी रहते हैं। हालांकि उसके बाद भी नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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भविष्य में अभी और कितनी वैक्सीन आ सकती है?
- डॉ. राजेंद्र के. धमीजा कहते हैं, 'हमारे देश में दो वैक्सीन को अनुमति दी गई है। ये वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन हैं। अभी तक साढ़े चार करोड़ लोगों को वैक्सीन लगी है, जिनमें करीब चार करोड़ लोगों को कोविशील्ड और 50 हजार लोगों को कोवैक्सीन लगी है। दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित हैं। अभी देश में कई वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, इसमें एक स्पूतनिक (Sputnik-v) है, जिसका ट्रायल अब खत्म हो गया है और अप्रूवल के लिए दिया गया है। इसके अलावा जॉनसन एंड डॉनसन की सिंगल डोज वैक्सीन अमेरिका में अप्रूव हो चुकी है और भारत में सीरम इंस्टीट्यूट में उत्पादन के लिए बात चल रही है। वहीं केरल कंपनी डीएनए वैक्सीन बना रही है, यानी भविष्य में लोगों के पास कई विकल्प आने वाले हैं।'