कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए विशेषज्ञ शुरुआत से इसकी जांच पर जोर देने की बात कह चुके हैं। उनका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच करने से ही कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाया जा सकता है, इसलिए इसे प्राथमिकता देने की जरूरत है। देश में कोरोना जांच के लिए सबसे ज्यादा आरटी-पीसीआर टेस्ट किट का इस्तेमाल होता आ रहा है। हालांकि इसमें ज्यादा समय लगता है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जरूरत है ऐसी जांच तकनीक की, जिससे कम समय में जांच संभव हो। भारत समेत कई देशों में कम समय में जांच की तकनीकें विकसित की गई हैं और इसी कड़ी में सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने भी नई तकनीक और नया तरीका इजाद किया है, जिसमें करीब आधा घंटा ही समय लगेगा।
{"_id":"5f1eb8ef8ebc3e63b77a065c","slug":"coronavirus-test-in-30-minutes-only-quickly-covid-testing-by-this-technique-corona-test-near-me","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus Test: कोरोना की जांच की नई तकनीक, नहीं करना होगा इंतजार, आधे घंटे में मिलेगी रिपोर्ट","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus Test: कोरोना की जांच की नई तकनीक, नहीं करना होगा इंतजार, आधे घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
Mon, 27 Jul 2020 04:54 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Mon, 27 Jul 2020 04:54 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस जांच (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PIB/Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस जांच (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media
- सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे प्रयोगशाला में होने वाली कोविड-19 की जांच के नतीजे केवल 36 मिनट में ही आ जाएंगे। मौजूदा जांच प्रणाली में उच्च प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होती है और नतीजे आने में कई घंटों से लेकर तीन दिन तक लग जाते हैं।
कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
- नानयांग तकनीकी विश्विवद्यालय (एनटीसी) के ‘ली कांग चियान स्कूल ऑफ मेडिसिन’ में वैज्ञानिकों ने यह नई तकनीक विकसित की है। इस नई तकनीक में कोविड-19 की लैब टेस्टिंग यानी प्रयोगशाला जांच में लगने वाले समय और लागत में सुधार के तरीके बताए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
- विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि इस परीक्षण, जिसे पोर्टेबल उपकरणों के साथ किया जा सकता है, उसे समुदाय में एक ‘स्क्रीनिंग टूल’ के रूप में भी तैनात किया जा सकता है। बताया गया कि नई तकनीक से कोविड-19 की प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट 36 मिनट में आ सकती है।
विज्ञापन
कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
- मालूम हो कि वर्तमान में, कोविड-19 परीक्षण के लिए सबसे संवेदनशील तरीका पॉलीमरीज चेन रिएक्शन (पीसीआर) नामक एक लैब आधारित तकनीक है, जिसमें एक मशीन वायरल आनुवंशिक कणों को बार-बार कॉपी कर उसकी जांच करती है ताकि कोरोना वायरस के किसी भी लक्षण का पता लगाया जा सकता है।