दुनियाभर में मिल रहे कोरोना वायरस के नए-नए स्ट्रेन ने वैज्ञानिकों की चिंताएं और भी बढ़ा दी हैं। चूंकि कई देशों में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहे हैं, जिसमें ब्रिटेन भी शामिल है, लेकिन यहां भी मिले वायरस के नए स्ट्रेन ने लोगों को काफी परेशान किया हुआ है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में भी एक नया स्ट्रेन पाया गया है, जिसे काफी संक्रामक बताया जा रहा है। इन स्ट्रेन पर मौजूदा वैक्सीन कारगर होगी या नहीं, इसको लेकर कई वैज्ञानिक अलग-अलग बयान दे चुके हैं। अब ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में मिले स्ट्रेन पर वैक्सीन बेअसर हो सकती है।
Coronavirus: कोरोना के दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन पर बेअसर हो सकती है वैक्सीन, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने किया दावा
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने एक बयान में कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोनाा का नया स्ट्रेन चिंताएं पैदा कर रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार के एक वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन पर वैक्सीन बेअसर हो सकती है।
कौन-कौन से देशों में पाया गया है नया स्ट्रेन?
कोरोना का नया स्ट्रेन सबसे पहले ब्रिटेन में पाया गया, उसके बाद से यह भारत और अमेरिका समेत कई देशों में फैल चुका है। वहीं दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में ब्रिटेन से अलग स्ट्रेन पाए गए हैं, जबकि अफ्रीकी देश बोत्सवाना में दक्षिण अफ्रीका वाला स्ट्रेन ही मिला है। इसलिए वहां की सरकार ने कर्फ्यू लगाने के साथ-साथ शराब की बिक्री और सार्वजनिक जगहों पर शराब के सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
भारत में बढ़ रहा है नए स्ट्रेन का मामला
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमितों के मामले बढ़कर अब 73 हो गए हैं। मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि नए स्ट्रेन से संक्रमित सभी लोगों को संबंधित राज्य सरकारों के स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में आइसोलेशन में रखा गया है, जबकि उनके करीबी संपर्क वाले लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है।
कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी वैक्सीन का हो रहा है टेस्ट
वैक्सीन बनाने वाली जर्मन कंपनी बायोएनटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उगुर साहिन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के प्रोफेसर जॉन बेल का कहना है वो कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन पर भी वैक्सीन को टेस्ट कर रहे हैं, लेकिन इसमें छह हफ्ते का समय लग सकता है, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्रोफेसर जॉन बेल का कहना है कि यह वैक्सीन दक्षिण अफ्रीका में मिले नए स्ट्रेन पर भी कारगर होगी या नहीं, फिलहाल इसपर बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है।