कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (प्रकार) ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों से लेकर लोगों तक की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अभी विकसित की गईं वैक्सीन इस नए स्ट्रेन पर कारगर होंगी या नहीं। हालांकि जर्मनी की मशहूर फार्मा कंपनी बायोएनटेक ने कहा है कि उसकी वैक्सीन ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी असरदार होगी। बायोएनटेक के मुख्य कार्यकारी उगर साहिन का कहना है कि यह नया स्ट्रेन पहले वाले वायरस से 99 फीसदी मेल खाता है, इसलिए हमें भरोसा है कि इसपर भी हमारी वैक्सीन प्रभावी होगी। हालांकि पुख्ता तौर पर कुछ भी कहने के लिए इसपर और अधिक अध्ययन की जरूरत है।
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फाइजर की वैक्सीन को क्यों माना जा रहा है कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी? जानिए सबकुछ
Wed, 23 Dec 2020 04:26 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 23 Dec 2020 04:26 PM IST
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क्यों माना जा रहा है नए स्ट्रेन को खतरनाक?
- कहा जा रहा है कि कोरोना के नए स्ट्रेन में 17 बदलाव हुए हैं। इस स्ट्रेन को इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि इसके आठ रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं, जिसमें से दो सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। पहला, नए स्ट्रेन का N501Y रूप, जिसकी वजह से वायरस शरीर के सेल्स पर हमला कर सकता है और दूसरा, H69/V70 रूप, जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को नुकसान पहुंचाता है।
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क्यों तेजी से फैल रहा है नया स्ट्रेन?
- कोरोना के नए स्ट्रेन के तेजी से फैलने का कारण यह है कि इसने वायरस को बढ़ाने वाले प्रोटीन में बदलाव कर लिया है, जिसके जरिए यह शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में आसानी से घुसपैठ कर लेता है।
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फाइजर की वैक्सीन को क्यों माना जा रहा है नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी?
- ये एमआरएनए वैक्सीन, नई तरह की वैक्सीन है जो वायरस के जेनेटिक कोड के छोटे से हिस्से को लेकर शरीर को कोरोना वायरस से लड़ना सिखाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बनाती है। एफडीए के मुताबिक, जब किसी व्यक्ति को वैक्सीन दी जाती है, तो उनके शरीर में कोरोना वायरस वाले स्पाइक प्रोटीन बनते हैं लेकिन इनसे बीमारी नहीं होती और न ही शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। इनसे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र काम करना शुरू कर देता है और कोरोना से लड़ना सीखता है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, फाइजर की वैक्सीन वायरस में होने वाले बदलाव के बाद भी प्रभावकारी रहेगी, क्योंकि यह कोविड-19 जैसे वायरस में खुद में बदलाव ला सकती है। हालांकि फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि क्या वायरस के नए स्ट्रेन का वैक्सीन पर कोई असर पड़ेगा?