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विशेषज्ञ से जानें: किसी सतह से कोरोना वायरस के प्रसार का कितना खतरा, कैसे करें बचाव?

Sun, 18 Apr 2021 11:25 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 18 Apr 2021 11:25 AM IST
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर बद से बदतर होती जा रही है। बीते 24 घंटों में  रिकॉर्ड 2,61,500 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं और 1500 से अधिक लोगों की कोरोना के कारण मौत हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब एक करोड़ 47 लाख 88 हजार से अधिक हो गई है। इस बीच कई राज्यों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत भी देखने को मिल रही है। हालांकि इस दौरान देश में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा भी 12 करोड़ 25 लाख की संख्या पार कर गया है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air

अगर ऑक्सीजन की समस्या न हो, लेकिन बुखार ज्यादा है तो क्या अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं? 

  • दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल की डॉ. गीता कमपानी कहती हैं, 'अगर सांस में तकलीफ नहीं है, ऑक्सीजन लेवल सही है, लेकिन बुखार कम नहीं हो रहा है। पैरासिटामोल खाने के बाद भी 3-4 दिन तक कुछ आराम नहीं है तो उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air

अगर अस्पताल में बेड नहीं मिलता है तो क्या घर में ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ व्यवस्था कर सकते हैं? 

  • डॉ. गीता कमपानी कहती हैं, 'अगर इस तरह की व्यवस्था घर में बन जाती है तो कर सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में यानी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होना ज्यादा अच्छा है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air

क्या पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर ही अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं या तबीयत खराब होने पर भी हो सकते हैं? 

  • डॉ. गीता कमपानी कहती हैं, 'अस्पताल में दो तरह के बेड होते हैं, एक तो सस्पेक्ट बेड होते हैं, इन पर उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनकी रिपोर्ट नहीं आई होती है, लेकिन उनमें गंभीर लक्षण होते हैं। ऐसे लोगों को सस्पेक्ट बेड पर भर्ती कर आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाता है और इलाज किया जाता है। इसके अलावा जो पॉजिटिव होते हैं या मरीज का बुखार नहीं उतर रहा है, ऑक्सीजन सेचुरेशन हो रहा है, उन्हें कोविड वार्ड में रखा जाता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air

सरफेस (सतह) से वायरस के ट्रांसमिशन (प्रसार) का कितना खतरा होता है? 

  • डॉ. गीता कमपानी कहती हैं, 'ये निर्भर करता है व्यक्ति में संक्रमण का स्तर क्या था, अगर वायरल लोड ज्यादा रहता है तो सतह पर खांसने या छींकने से वायरस ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा सतह का स्थान कहां है, खुले में है या बाहर में, इसपर भी निर्भर करता है। साथ ही सतह किस तरह का लोहा, कागज या प्लास्टिक कैसा है। इसके लिए जरूरी है कि मास्क लगाने के साथ ही अपने हाथ हमेशा सैनिटाइज करते रहें या साबुन पानी से हाथ धोते रहें।' 
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